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रिमझिम बारिश ने कराया सर्दी का अहसास

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मुरादाबाद।
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रिमझिम बारिश की वजह से एक बार फिर से सर्दी लौट आई है। मंगलवार को दिन में बादल और बुधवार को बारिश से लोगों को एक बार फिर ठंड का अहसास होने लगा। दिनभर आसमान में बादल होने से अधिकतम तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार गुरुवार को भी बादल छाए रहने का अनुमान है।
मौसम ने एक बार फिर से करवट बदली है। पिछले तीन दिन से तापमान में गिरावट जारी है। कभी बादल तो कभी बारिश का भी दौर चल रहा है। सोमवार रात हुई बारिश के बाद से आसमान में लगातार बादल छाए हुए हैं। मंगलवार को दिन में भी बादलों की लुकाछिपी चलती रही। रात में मौसम में बदलाव हुआ। बुधवार सुबह आसमान में काली घटाएं छाई हुई थीं। सुबह करीब आठ बजे बूंदाबांदी शुरू हो गई। इससे सबसे अधिक परेशानी स्कूल जाने वाले बच्चों को हुई। नौ बजे तक रिमझिम बारिश भी होने लगी। ऐसे में परिजन उन्हें छाता और रेनकोट आदि से छुपाते हुए स्कूल लेकर गए। कामकाजी लोग भी भीगते हुए कार्यालयों में पहुंचे। करीब 11 बजे बारिश तो बंद हो गई, लेकिन मौसम नहीं खुला। राजकीय इंटर कालेज स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के प्रभारी निसार अहमद अंसारी ने बताया कि अधिकतम तापमान में चार डिग्री सेल्सियस की गिरावट के साथ 20.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं न्यूनतम तापमान में .7 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हुई। न्यूनतम तापमान 13.5 डिग्री सेल्सियस रहा। सुबह के समय मौसम में नमी बनी हुई थी, जो दिनभर बरकरार रही। सुबह की आर्द्रता 85 फीसदी और शाम की 77 फीसदी दर्ज की गई। वहीं बारिश 1.2 मिली मीटर हुई।
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बारिश से बालियां बनने में मिलेगी मदद
पंत नगर विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डॉ. आरके सिंह ने बताया कि नियमित अंतराल पर बारिश होने से फसलों को बहुत फायदा पहुंचेगा। यह समय गेहूं, जो, सरसों आदि की बालियां बनने का है। हल्की बूंदाबांदी फसल के लिए लाभकारी होती है। जिन किसानों का गन्ना अभी चीनी मील पर नहीं गया है, उन्हें भी पानी लगाने की ज्यादा चिंता नहीं हो रही होगी। तापमान में गिरावट से फसल की पैदावार बढ़ेगी।
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अभी भी जल रहा है ई-वेस्ट
ई-वेस्ट से होने वाले प्रदूषण से विभाग और सरकार सभी परेशान हैं। इसके निपटान के लिए एनजीटी ने सख्ती की थी, जिसकी वजह से प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने रामगंगा के किनारे पड़ी ई-वेस्ट की राख को उठा दिया हो, लेकिन लोग अभी भी ई-कचरा जलाने से बाज नहीं आ रहे हैं। रात के समय मौका मिलते ही रामगंगा के किनारे ई-वेस्ट जलाया जा रहा है। इस संबंध में क्षेत्रीय अधिकारी आरके सिंह ने बताया कि ई-वेस्ट जलने से रोकने का काम पुलिस का है। प्रशासन, बोर्ड और पुलिस सभी को इसकी जिम्मेदारी है। सभी को मिलजुलकर काम करना होगा। यदि हमें कहीं से ई-वेस्ट जलने की जानकारी मिलती है तो एक व्यक्ति को भेजकर पड़ताल करते हैं।
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