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करोड़ों रुपये की भूमि ठिकाने लगाने की फिराक में हाकिम

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मुरादाबाद।
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करीब 28 वर्ष पूर्व एमडीए द्वारा अर्जित की जा चुकी 2000 वर्ग मीटर भूमि को अर्जन मुक्त करने के लिए एमडीए में दबे पांव पटकथा लिखी जा रही है। एमडीए के कब्जे वाली इस भूमि को अर्जन मुक्त करने के लिए एमडीए बोर्ड में प्रस्ताव ले जाने की तैयारी है। कांठ रोड पर एकदम सड़क से सटी करोड़ों रुपये की इस भूमि को अर्जन मुक्त करने के लिए विशेष सचिव (आवास) अमिताभ प्रकाश के एक पत्र का भी सहारा लिया जा रहा है। मुआवजा चुकाकर अधिग्रहीत की गई भूमि को अर्जन मुक्त करने की कवायद से एमडीए अफसरों पर उंगलियां उठ रही हैं।
करोड़ों रुपये की भूमि को अर्जन मुक्त कराने में एमडीए अफसरों के साथ ही सत्ताधारी दल के कुछ नेता भी दिलचस्पी ले रहे हैं। भूमि पर एमडीए की चारदीवारी है। 22 मार्च 1990 को एमडीए ने मुरादाबाद विकास प्राधिकरण ने सुनियोजित विकास योजना के लिए 3.88 करोड़ रुपये में भूमि अधिग्रहीत की थी। इससे पहले एमडीए द्वारा अधिग्रहण करने के बाद भूमि को एक बार संबंधित किसान द्वारा बेचा भी जा चुका है। लेकिन एमडीए के कब्जे में होने की वजह से खरीददार को कब्जा नहीं मिला था। कुछ वक्त पूर्व इस भूमि पर अपार्टमेंट और प्रधानमंत्री आवास बनाने का प्रस्ताव भी आया था। सूत्रों का कहना है कि एमडीए अफसरों ने अब इस भूमि को अर्जन मुक्त कर संबंधित खरीददार को सौंपने की कवायद शुरू कर दी है। सत्ताधारी दल के कुछ नेताओं और अफसरों के गठजोड़ से इसके लिए बोर्ड बैठक में प्रस्ताव पास कराने की पटकथा लिखी जा चुकी है। एमडीए में गोपनीय तरीके से चल रही इस फाइल पर एमडीए अधिकारी कुछ भी बोलने से कतरा रहे हैं। प्राधिकरण उपाध्यक्ष कनक त्रिपाठी भी इस मुद्दे पर बात करने से कतराती रहीं। उन्होंने कहा कि ऐसा कोई मामला नहीं है फिर भी वह चेक कराकर बताएंगी। बाद में उन्होंने कॉल रिसीव नहीं की।
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सीलिंग की तीन लाख वर्ग मीटर भूमि पर अवैध कब्जे
मुरादाबाद। एमडीए अफसरों की ढिलाई की वजह से शहर में सीलिंग की तीन लाख वर्ग मीटर भूमि पर अवैध कब्जे हो चुके हैं। मझोला थाना क्षेत्र में सम्राट अशोक नगर, मझोला, मझोली, लाकड़ी, मिलन विहार, प्रकाश नगर समेत शहर का बड़ा हिस्सा सीलिंग की भूमि पर अवैध रूप से बसता गया। यह भूमि एमडीए के कब्जे वाली सीलिंग भूमि थी। कटघर थाना क्षेत्र में संभल रोड पर भी सीलिंग की भूमि पर बड़े पैमाने पर अवैध कब्जे हुए हैं।
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सोनकपुर योजना का भी कर दिया था ‘सौदा’
मुरादाबाद। अफसर- नेता और प्रापर्टी डीलरों के गठजोड़ से सरकारी भूमि को ठिकाने लगाने का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले वर्ष 2016-17 में प्राधिकरण की सोनकपुर योजना की 68000 वर्ग मीटर भूमि को अफसरों ने बेच डाला था। तत्कालीन मंडलायुक्त एल वेंकटेश्वर लू के आदेश पर हुई जांच में जिले में तैनात रहे एक पूर्व डीएम, सेवानिवृत्त एडीएम समेत कई अधिकारियों - कर्मचारियों की भूमिका उजागर हुई थी। विजिलेंस इस मामले की जांच कर रही है। पूर्व डीएम और एडीएम के सभी आदेशों को निरस्त कर भूमि एमडीए के नाम पर दर्ज कर दी गई थी।
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