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विद्यार्थियों ने हड़पा 44 लाख का छात्रवृति शुल्क

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मुरादाबाद।
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विद्यार्थियों के खाते में भेजी गई शुल्क प्रतिपूर्ति ने कालेजों की नींद उड़ा दी है। फेल होने या फिर अंतिम वर्ष में पास होने के बाद कालेज में फीस जमा करने नहीं पहुंचे। वर्ष 2015-16 से 2017-18 तक हिंदू और केजीके कालेज को करीब 44 लाख रुपये समाज कल्याण विभाग ने शुल्क प्रतिपूर्ति के विद्यार्थियों के खातों में हस्तांतरित करा दी थी। इस राशि के लिए कालेजों प्राचार्य तमाम प्रयास कर चुके हैं, लेकिन फीस जमा करवाने में सफलता नहीं मिल रही है।
हिंदू कालेज के प्राचार्य डॉ. आरके बंसल ने बताया कि महाविद्यालयों में स्नातक और परास्नातक कक्षाओं में अनुसूचित जाति वर्ग के विद्यार्थियों को शून्य फीस पर प्रवेश दिया जाता है। 2009 से पहले यह नियम लागू नहीं था। इसके बाद एक साल शून्य फीस पर प्रवेश नहीं लेने का नियम बनाया था, लेकिन छात्रनेताओं के हंगामे के चलते हमें अपना आदेश वापस लेना पड़ा और छात्रों को दोबारा से यह सुविधा दी जाने लगी। अब शासन से कालेज की फीस विद्यार्थी के बैंक खाते में छात्रवृत्ति के साथ आती है। छात्रों को उसमें से अपनी छात्रवृत्ति निकालकर फीस कालेज में जमा करनी पड़ती है। यदि हम छात्रों की अंकतालिका रोकते हैं तो छात्र विश्वविद्यालय से दूसरी अंकतालिका बनवा लेते हैं।
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इनसेट...

हिंदू कालेज

वर्ष विद्यार्थी धनराशि
2015-16 350 नौ लाख रुपये
2016-17 22 90 हजार रुपये
2017-18 270 सात लाख रुपये

केजीके कालेज

वर्ष विद्यार्थी धनराशि
2015-16 252 630000
2016-17 229 572500
2017-18 600 1500000


वर्जन...
फीस जमा करने के लिए सभी विद्यार्थियों को रजिस्टर्ड पत्र भेजे जा रहे हैं। पिछले सालों में कुछ फार्म भरवाए गए थे, ताकि बैंक से छात्रवृत्ति निकालने से पहले कालेज के खाते में फीस जमा हो जाए।
डॉ. एस डी द्विवेदी, प्राचार्य, केजीके कालेज।
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