कुंदरकी (मुरादाबाद)।
मैनाठेर के गांव सूरजपुर कल्याण में करीब माह पहले किसान रामगोपाल सैनी की हत्या उसी के दामाद ने कराई थी। वारदात की साजिश में किसान की बेटी भी अपने पति के साथ शामिल थी। हत्या के मामले में जेल में बंद किसान के दामाद ने विरोधियों को फंसाने की नीयत से ससुर की हत्या कर विरोधियों पर मुकदमा लिखाया था। हत्या की पटकथा जेल के भीतर लिखी गई थी। दामाद ने जेल मे ही दो लाख रुपये की सुपारी देकर वारदात कराई थी। पुलिस ने किसान की बेटी और भाड़े के हत्यारे समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर बुधवार को इस वारदात का खुलासा कर दिया।
पुलिस अधीक्षक ग्रामीण उदय शंकर सिंह ने बुधवार दोपहर पुलिस लाइन में घटना का खुलासा करते हुए बताया कि 19 नवंबर की रात सूरजपुर कल्याण में बुजुर्ग किसान रामगोपाल सैनी (60) की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में किसान की बेटी ममता उर्फ रेखा पत्नी छत्रपाल निवासी नया गांव थाना हयात नगर जनपद संभल ने तीन लोगों को नामजद करते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई थी। नामजद आरोपियों से एक आरोपी जगदीश के बेटे संजीव की हत्या के मामले में ममता का पति छत्रपाल दो साल से जेल में बंद है। तफ्तीश आगे बढ़ी तो पुलिस को पता चला कि सूखा उर्फ इस्लाम निवासी ग्राम सट्टू नगला थाना मूंढापांडे 19 नवंबर को जेल से छूटा था। इसके बाद वह कई बार जेल में जाकर छत्रपाल से मिला। पुलिस अधीक्षक ग्रामीण ने बताया कि छत्रपाल और सूखा जेल में एक ही बैरक में बंद थे। छत्रपाल ने दो लाख रुपये में अपने बुजुर्ग ससुर की हत्या की सुपारी दी थी। योजना के मुताबिक हत्या के बाद छत्रपाल की पत्नी ने विपक्षी लोगों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज करा दिया। ममता ने ही पिता की हत्या की सुपारी में से 18 हजार एडवांस सूखा को कचहरी में दिए थे। बाकी रकम के लिए सूखा जेल में जाकर छत्रपाल पर दबाव बना रहा था।
शक होने पर पुलिस ने सूखा को पकड़ने के लिए जाल बिछाया। बुधवार तड़के मैनाठेर पुलिस के साथ मुठभेड़ के बाद सूखा उर्फ इस्लाम पकड़ा गया। मुठभेड़ में उसके पैर में गोली लगी है। उसके कब्जे से पुलिस ने बिना नंबर की बाइक, एक तमंचा 315 बोर, एक कारतूस जिंदा और दो खोखा कारतूस बरामद किए हैं। सूखा ने पूछताछ में हत्या की पूरी कहानी उगल दी। जिसके बाद पुलिस ने हत्या में शामिल चंद्रपाल और किसान की बेटी ममता उर्फ रेखा निवासी ग्राम नया गांव थाना हयातनगर जिला संभल को भी गिरफ्तार कर लिया। जेल में बंद छत्रपाल को भी वारंट तामील कराया जाएगा। पुलिस के मुताबिक छत्रपाल अपने ससुर की हत्या कर विरोधियों को फंसाना चाहता था ताकि संजीव हत्याकांड में समझौता करके वह जेल से बाहर आ सके।
पिता की हो गई मौत तो दे दी ससुर के नाम की सुपारी
मुरादाबाद। सलाखों में बंद हत्यारोपी जेल से बाहर आने को झटपटा रहा है। उसने विपक्षी लोगों को फंसाने के लिए कई बार साजिश रची। लेकिन हर बार नाकाम साबित हुआ। उसने सबसे पहले चंद्रपाल की पत्नी की ओर से छेड़खानी का केस दर्ज करवाया। जिसमें जगदीश, अनिल, सुभाष को नामजद किया। पुलिस की जांच में ये मामला झूठा पाया तो एफआर लगा दी। इसके बाद जेल में बंद छत्रपाल ने अपने ही पिता प्यारेलाल की सुपारी दी। 25 अक्तूबर को प्यारे लाल की बीमारी के कारण मृत्यु हो गई। तब आरोपियों ने ममता के पिता की हत्या की सुपारी दे दी।