कटघर में रामगंगा पुल के पास मंगलवार रात को डकैती के दो आरोपियों से पुलिस की मुठभेड़ हो गई। इस मुठभेड़ में दोनों आरोपियों के पैर में गोली लग गई है। दोनों को गिरफ्तार कर उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। आरोपियों से पुलिस की टीम ने पूछताछ की तो खुलासा हुआ कि ख्वाजानगर में उन्होंने ही डाका डाला था। तीन दिन के भीतर ही डकैती की वारदात का खुलासा हुआ है।
एसपी सिटी अंकित मित्तल ने बताया कि मंगलवार रात को दस बजे कटघर एसएचओ अजीत सिंह पुलिस की टीम के साथ रामगंगा पुल पर गश्त कर रहे थे। इस दौरान ही उनको दो संदिग्ध युवक दिखाई दिए। पुलिस ने उनको रुकने के लिए कहा तो युवकों ने गोली चला दी। पुलिस पर फायरिंग कर आरोपी भागने लगे तो जवाब में पुलिस ने भी गोलियां चलाई। जवाबी फायरिंग में दोनों युवकाें के पैर में गोली लग गई। वह गिर गए, पुलिस ने उनको पकड़ लिया। पकडे़ गए आरोपी सलमान निवासी चक्कर की मिलक और आफान उर्फ अफ्फान निवासी कांठ है। दोनों ने बताया कि उन्होंने ख्वाजानगर में वारदात की थी। मंगलवार रात को भी गंगा मंदिर के पास लूट की योजना बना रहे थे, इस दौरान ही पुलिस की टीम आ गई। एसपी ने बताया कि घटनास्थल पर ही दो तमंचे मिले हैं। इनमें से एक तमंचा नया है। जिसे उन्होंने ख्वाजानगर में डकैती के लिए खरीदा था। मुठभेड़ के दौरान करीब आठ से दस राउंड फायरिंग हुई है। दोनों आरोपियों से उपचार के बाद दोबारा पूछताछ की जाएगी। पकडे़ गए आरोपियों ने ही जुलाई 2017 में सराफ के घर सवा करोड़ से अधिक डकैती की वारदात की थी। 24 घंटे के भीतर डकैती की वारदात का खुलासा सिविल लाइन पुलिस ने किया था।
करीबी युवती ने दी थी सालिम के घर लाखों की नकदी, ज्वैलरी की सूचना
मुरादाबाद। सलमान और अफ्फान ने पुलिस को बताया कि एक दिसंबर को ख्वाजा नगर निवासी वेल्डिंग कारीगर सालिम के घर डकैती की वारदात की साजिश में एक युवती भी शामिल है। युवती सालिम की जानकार है। उसने अपने दोस्त को सूचना दी थी, जिसके बाद युवती के दोस्त ने सलमान के एक साथी से संपर्क किया और डकैती की साजिश रच दी गई। गिरोह को बताया गया था कि सालिम के घर डकैती में लाखों की नकदी और ज्वैलरी मिलने की संभावना है, जिसके कारण उन्होंने वारदात को अंजाम देने के लिए सालिम का घर चुना।
किसरौल डकैती कांड में पुलिस ने पूछताछ के लिए उठाया था
मुरादाबाद। नागफनी थानाक्षेत्र स्थित किसरौल डकैती कांड में पुलिस ने सलमान को भी पूछताछ के लिए उठाया था, लेकिन वारदात में उसके शामिल होने की पुष्टि न होने पर पुलिस ने उसे छोड़ दिया। पुलिस ने बताया कि इसके बाद सलमान ने सोचा कि अब वह पुलिस उस पर शक नहीं करेगी, वह ख्वाजानगर में डकैती करने पहुंच गया था। सलमान के गिरोह के अन्य साथियों की तलाश में पुलिस की टीम जुट गई है।
पुलिस ने लगाई मुठभेड़ की हैट्रिक
मुरादाबाद। पुलिस ने तीन दिन के भीतर तीन मुठभेड़ कर हैट्रिक लगाई है। पहले रविवार रात को मझोला के दान सहाय की मिलक में पुलिस मुठभेड़ हुई। जिसमें एक आरोपी को मौके पर और दो को बाद में पकड़ा गया था। इसके बाद पाकबड़ा के नया मुरादाबाद में सोमवार को पुलिस मुठभेड़ में एक आरोपी को पकड़ा गया। तीसरी मुठभेड़ लगातार तीसरे दिन कटघर के रामगंगा पुल के पास हुई, जिसमें दो आरोपी पकडे़ गए हैं।
ख्वाजानगर में डकैती के बाद रडार पर आ गया था गिरोह
मुरादाबाद। ख्वाजानगर में डकैती की वारदात के बाद पुलिस के रडार पर सलमान का गिरोह आ गया था। वहां पर कई जगह सीसीटीवी कैमरों में संदिग्धों के चेहरे दिखाई दिए थे। इसके बाद सलमान की लोकेशन चेक की गई तो पता चला कि वह वारदात के वक्त घर पर नहीं था। इसके बाद सर्विलांस की मदद से पुलिस उसकी तलाश में जुट गई थी। इस दौरान ही पुलिस का सलमान और अफ्फान से पता चला है।
रामगंगा विहार में सराफ के घर डाका डाल चुके हैं बदमाश
मुरादाबाद। मंगलवार रात कटघर थानाक्षेत्र में पुलिस मुठभेड़ में पकड़े गए बदमाश सलमान और अफ्फान कुछ दिन पहले ही सलाखों से बाहर आए थे। पिछले साल जुलाई माह में सलमान और अफ्फान ने अपने अन्य साथियों के साथ मिल कर रामगंगा विहार में सराफ राजीव अग्रवाल के घर दिन दहाड़े डाका डाला था। यहां से बदमाश सवा करोड़ से भी ज्यादा कीमत के जेवर लूट कर ले गए थे। घटना के चौबीस घंटे बाद ही अगवानपुर में पुलिस मुठभेड़ में चार बदमाश पकड़े गए थे। पुलिस ने इन बदमाशों की निशानदेही पर जेवरात बरामद किए थे। इससे पहले भी सलमान और अफ्फान वारदातें कर चुके हैं। अब जेल से रिहा होने के बाद फिर से घटनाएं शुरू कर दी हैं। पुलिस ने बताया कि सलमान और अफ्फान के खिलाफ कई मुकदमे में दर्ज हैं।