मुरादाबाद। सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बावजूद खनन का धंधा बंद नहीं हुआ। पुलिस और संबंधित विभाग भले ही जनपद में अवैध खनन न होने के दावे करते रहें। लेकिन गागन नदी और उसके किनारे के खेतों में गहरे गड्ढे और निशान तो कुछ और ही बयां कर रहे हैं। ग्रामीणों की मानें तो दिन रात डंपर और ट्रैक्टर ट्राली दौड़ती हैं। शिकायत के बाद भी खनन के धंधेबाजों पर कोई कार्रवाई नहीं की जाती। अब उन्होंने भी शिकायतें करना बंद कर दिया।
गागन और रामगंगा नदी किनारे खनन का ये धंधा वर्षों से जारी है। धीरे-धीरे खनन का ये खेल नदी किनारे खेतों तक पहुंच गया। लोग विरोध करते हैं तो उन्हें ही जान से मारने की धमकियां मिलनी शुरू हो जाती हैं। शिकायत पर पुलिस और खनन विभाग खामोशी की चादर ओढ़ कर सो जाते हैं। संबंधित विभाग की इसी नाकामी के कारण बुधवार को उत्तमपुर बहलोलपुर में एक महिला सुमन की ट्रैक्टर से कुचलकर हत्या कर दी गई। पहले ही पुलिस ने इस हत्याकांड में दीपक को गिरफ्तार कर लिया। लेकिन खनन के धंधेबाजों की जड़ें गहरी हैं। इस खेल में तमाम लोग शामिल हैं। मझोला, पाकबड़ा, कटघर, मूंढापांडे और भोजपुर में खनन जारी है।
इस तरह दिया जा रहा खनन के धंधे को अंजाम
मुरादाबाद। खनन के धंधेबाजों के साथ रह चुके एक ग्रामीण ने बताया कि पुलिस और खनन विभाग की शह पर खनन किया जाता है। सभी के दाम तय होते हैं। ट्रैक्टर ट्राली, डंपर व जेसीबी चलाने के लिए अलग-अलग रेट तय हैं। शाम ढलते ही इस कार्य को अंजाम दिया जाता है। शहर से दूरदराज क्षेत्र में दिन में भी ये खेल जारी रहता है। अगर ऊपर से दबिश देने का दबाव दिया जाता है तो धंधेबाजों को इसकी जानकारी दे दी जाती है। ताकी खनन की बात सामने न आ सके।
घटना के बाद भूमिगत हुए धंधेबाज, नहीं चलाए ट्रैक्टर ट्राली
मुरादाबाद। उत्तमपुर बहलोलपुर गांव में सुमन की हत्या के बाद खनन के धंधे बाज भूमिगत हो गए। गुरुवार को बहलोलपुर, लोधीपुर, मलकद्दा के आस पास में कोई ट्रैक्टर ट्राली खनन करने नहीं आई। खेतों में कार्य कर रहे ग्रामीणों ने बताया कि दिन रात यहां ट्रैक्टर ट्राली चलती है। लेकिन घटना के बाद खनन के सभी लोेग फरार हैं।
एसडीएम और सीओ की हत्या का भी हो चुकी है कोशिश
मुरादाबाद। खनन के धंधेबाजों के हौसले बुलंद हैं। इन लोगों ने तत्कालीन एसडीएम और सीओ की हत्या का भी प्रयास किया था। इस मामले में केस भी दर्ज किए गए। लेकिन कुछ नहीं हुआ। तत्कालीन कटघर सीओ राकेश कुमार ने क्षेत्र में गश्त कर रहे थे। उन्हें सूचना मिली थी कि रामगंगा नदी में खनन किया ज रहा है। जैसे ही सीओ फोर्स लेकर पहुंचे। खनन के धंधेबाजों ने उन पर डंपर चढ़ाने की कोशिश की। जिसमें सीओ घायल हो गए थे। जबकि पाकबड़ा क्षेत्र में खनन की सूचना पर तत्कालीन एसडीएम मौके पर पहुंचे तो उनकी सरकारी कार में टक्कर मारकर खनन के धंधेबाज फरार हो गए थे।
रकम और धमकी देकर शांत करा देते हैं
मुरादाबाद। गांगन नदी में खनन करने का अगर कोई ग्रामीण विरोध करता है तो उसे पहले रुपयों का लालच दिया जाता है। रुपये मिलने पर अधिकांश लोग शांत हो जाते हैं। अगर कोई शिकायत आगे तक पहुंचाता है उसे धमकी देकर शांत कर दिया जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस भी इस खनन धंधेबाजों का ही साथ रहते हैं।