मुरादाबाद। दोस्त को बचाने के लिए कोसी नदी में कूदे 12वीं के छात्र तरुण की उपचार के दौरान शनिवार को मौत हो गई। छात्र अपने दोस्त का जन्मदिन मनाने के लिए दोस्तों के साथ गर्जिया देवी गया था। जहां कोसी में नहाते छात्र का एक दोस्त विवेक नदी में डूबने लगा तो उसको बचाने के लिए छात्र ने तैरना न आने के बावजूद भी कोसी में छलांग लगा दी थी, जिस वजह से वह कोसी नदी में डूब गया था। विवेक की शुक्रवार को ही मौत हो गई थी जबकि तरुण को उपचार के लिए हायर सेंटर रेफर किया गया था।
अंबेडकर कालोनी में रहने वाली 12वीं के छात्र अभिषेक का शुक्रवार को जन्मदिन था। जन्मदिन के मौके पर वह अपने बडे़ भाई विवेक (21), दोस्त तरुण सहित अन्य सात दोस्तों के साथ गर्जिया देवी गया था। वहां कोसी नदी में नहाते वक्त विवेक का पैर फिसल गया और वह नदी में डूब गया था। उसे बचाने के चक्कर में अभिषेक और दोस्त तरुण (20) भी नदी में कूद गए। अभिषेक और तरुण को तैरना नहीं आता था, विवेक के साथ ही वह दोनों भी डूबने लगे। अभिषेक, तरुण और विवेक को नदी से वहां पर मौजूद लोगों ने बाहर निकाला गया। गंभीर हालत होने के कारण विवेक, तरुण को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। जहां विवेक को डॉक्टराें ने मृत घोषित कर दिया था। तरुण को हायर सेंटर रेफर कर दिया। कांठ रोड स्थित अस्पताल में उपचार के दौरान डॉक्टरों ने शनिवार सुबह तरुण को मृत घोषित कर दिया है। एसएचओ सिविल लाइन शक्ति सिंह ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिवार वालों के सुपुर्द कर दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह पानी में डूबना बताया है। विवेक के बाद तरुण की मौत से परिवार वालों के साथ दोस्त भी सदमे में हैं।
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एंबुलेंस न आने पर एक घंटे तक तरुण और विवेक की पंपिंग करते रहे हम: अभिषेक
मुरादाबाद। अभिषेक ने बताया कि जब कोसी नदी में डूबने पर उसके साथ विवेक और तरुण को बाहर निकाला गया तो विवेक और तरुण के शरीर में ज्यादा पानी चला गया था। अभिषेक को समय रहते पानी से बाहर निकाल लिया गया था, जिस वजह से बच गया था।
हालत गंभीर होने पर तरुण और विवेक को अस्पताल ले जाने के लिए एंबुलेंस का इंतजार करते रहे, करीब एक घंटे तक एंबुलेंस नहीं आई। इस दौरान वह लोग पंपिंग कर तरुण और विवेक को बचाने का प्रयास करते रहे। एंबुलेंस नहीं आई तो दोनों को आटो से अस्पताल ले जाया गया था। जहां पर विवेक को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया और तरुण को रेफर कर दिया था। अभिषेक ने बताया कि अगर समय रहते एंबुलेंस मिल जाती तो शायद तरुण और विवेक की जान बच सकती थी।