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कासिम हत्याकांड: सुपारी लेकर कराई गई कासिम की हत्या

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पाकबड़ा(मुरादाबाद)। आरटीआई कार्यकर्ता कासिम सैफी की अपहरण और हत्या सुपारी लेकर की गई थी। वारदात को एक साजिश के तहत अंजाम दिया गया, जिसके लिए तीन माह पहले सपा नेत्री अलका दुबे ने एक आरटीआई डलवाने के बहाने कासिम से दोस्ती की थी। इसके बाद उसे मीठी मीठी बातों में फंसा लिया। कासिम की हत्या सपा नेत्री ने अपने करीबी विकास और विकास के दोस्त कुलदीप से करवाई थी। अलका दुबे को सुपारी देने में एक सपा नेता का नाम सामने आया है हालांकि अभी पुलिस ने इसका आधिकारिक खुलासा नहीं किया है। पुलिस अभी अलका के बयानों की तस्दीक करने में जुटी हुई है, उसी के बाद कथित मास्टर माइंड सपा नेता की गिरफ्तारी की जाएगी।
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जुम्मेरात का बाजार निवासी आरटीआई कार्यकर्ता कासिम सैफी 27 दिसबंर को घर से मुरादाबाद जाने के लिए निकला था। अल्का ने खुलासा किया है कि उसको पाकबड़ा के एक सपा नेता ने कासिम की हत्या के लिए सुपारी दी थी। अल्का ने ही कासिम की दोस्ती विकास और कुलदीप से करवाई थी। जब कासिम पूरी तरह से विकास और कुलदीप पर विश्वास करने लगा तो उसको मदरसे के लिए अुनदान दिलाने के बहाने कुलदीप और विकास शामली ले गए। वहां पर पीछे से पहले उसकी पीठ में गोली मारी, बाद में खेत में ले जाकर कासिम को दूसरी गोली मार कर मौत के घाट उतार दिया गया। इसके बाद आरोपी वहां से भाग गए थे। पुलिस ने चौदह दिनों के बाद कासिम सैफी का शव विकास चौधरी की सूचना पर बरामद किया था। इस मामले में हत्यारोपी कुलदीप और सपा नेत्री अलका दूबे फरार हो गये थे। एसओ पाकबड़ा नीरज शर्मा ने बताया कि सुपारी लेकर कासिम की हत्या का खुलासा होने के बाद कुलदीप और अल्का को गिरफ्तार कर लिया गया है। इस वारदात में दस लाख से अधिक की सुपारी दिए जाने की सूचना है। हालांकि अभी सुपारी की रकम आरोपियों के पास नहीं पहुंची थी क्योंकि उनको शक था कि अगर रकम का आदान प्रदान जल्दी हो गया तो वे पकड़े जा सकते हैं।

सपा नेता ने आरटीआई के खुलासे से नाराज होकर रची थी साजिश
पाकबड़ा। आरटीआई कार्यकर्ता कासिम सैफी की हत्या आराटीआई मांगने पर की गई है। पुलिस सूत्रों ने बताया की आरटीआई कार्यकर्ता कासिम सैफी लगातार आरटीआई के जारिये सूचना मांगता था। आरटीआई के जरिये उसने कई खुलासे कर दिया थे। इन्ही में एक समाजवादी पेंशन नाम का घोटाला भी उसने खोल दिया था। सपा नेता के कई परिजनों को इस समाजवादी पेंशन घोटाले में जांच का सामना करना पड़ा था। कासिम सैफी लगातार अपनी आरटीआई के माध्यम से कार्यवाही का दबाब बनाता था। समाजवादी पेंशन घोटाले में कई लोगों को सरकारी पैसा भी वापस करना पड़ रहा था। इससे पहले भी कई बार आरटीआई के माध्यम से कासिम सैफी ने इस सपा नेता के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी थी। सपा नेता कासिम सैफी से अपना पल्ला छुड़ाना चाहता था। इसलिए उसने सपा नेत्री के साथ मिलकर कासिम सैफी की हत्या की सजिश तीन माह पहले रची थी।
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