ट्रेजरी घोटाले में 15 आरोपियों ने उनके खातों में पहुंचे 30 लाख रुपये ट्रेजरी में जमा किए हैं। इस मामले में पुलिस मास्टरमाइंड पूर्व लेखपाल अरुण भटनागर को जेल भेज चुकी है। पुलिस पूछताछ में उसने बिलारी तहसील के कुछ अधिकारियों से लेकर कलक्ट्रेट व ट्रेजरी तक के स्टाफ का नाम लिया था।
10 करोड़ के ट्रेजरी घोटाले में प्रशासनिक कार्रवाई सिर्फ पूर्व भूलेख लिपिक अनिल कुमार मेहरोत्रा तक सिमटी है। बैंकों से हुई छानबीन के बाद अरुण के बयान से भी साफ हो गया है कि इस घोटाले में कई अधिकारी और कर्मचारी शामिल थे। इसके बाद भी अधिकारियों का रुख आरोपियों को बचाने वाला ही है। अधिकारियों का दावा है कि मामले में फंसे 15 लोगों ने उनके खातों में पहुंचे 30 लाख रुपये लौटा दिए हैं। यही तर्क देकर घोटाले में फंसे लेखपाल को भी बचाया जा रहा है।