वित्तीय वर्ष 2019 - 20 के बजट में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ सरकार से लोगों को राहत की उम्मीदें हैं। केंद्र सरकार की तर्ज पर उत्तर प्रदेश सरकार के बजट से भी यहां के गन्ना किसान, उद्यमी, निर्यातक, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मजदूर और हस्त शिल्पियों को आर्थिक मदद तथा कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिल सकता है। पिछले सप्ताह गजरौला में आए सीएम ने कुछ संकेत भी दिए थे।
यहां के गन्ना किसानों को पिछले साल के बकाए का भुगतान नहीं हुआ है। उनको मिलों से भुगतान दिलाने के बारे में सख्त आदेश भी किए गए थे। केंद्र सरकार ने किसानों को आर्थिक मदद भी दी है, ठीक उसी तरह प्रदेश सरकार भी किसानों को कुछ न कुछ राहत दे सकती है। गन्ना के अलावा अन्य किसानों को सिंचाई, खाद बीज तथा अन्य मदों में इस बजट में भी सुविधाएं प्रदान कर सकतीं हैं। एक जिला एक उत्पाद योजना तथा निर्यातकों को भी इस बजट में ऋण पर ब्याज में छूट मिल सकती है। इस बारे में पिछले महीने प्रदेश सरकार ने उपायुक्त उद्योग के कुछ जानकारियां मांगी थीं। उसी से राहत के संकेत लगाए जा रहे हैं।
पिछले साल आंगनबाड़ी कार्यकर्ता दस हजार रुपये मानदेय कराने की मांग को लेकर आंदोलन कर चुकी हैं। उन्हें केंद्र सरकार ने बजट में 50 फीसदी भत्ता प्रदान करने की घोषणा की हैं। लेकिन वह इस घोषणा से खुश नहीं हैं, उनकी वही पुरानी मांग है कि मानदेय कम से कम 10 हजार रुपये महीने तय हो। हालांकि उनकी मांग तो आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को राज्य कर्मचारी घोषित कराने की है। हस्त शिल्पियों को इस बजट में कल्याणकारी योजनाओं की घोषणा का इंतजार है। केंद्र सरकार के बजट में हस्त शिल्पी के लिए कई घोषणा नहीं हुई है, उनके लिए प्रदेश सरकार के बजट में कल्याणकारी योजनाएं तथा आर्थिक मदद की घोषणा हो सकती है।
इस बार प्रदेश सरकार का बजट छात्र, युवा, गरीब और मध्यम आय वाले पर फोकस रहेगा। गरीब और सामान्य वर्ग के छात्र-छात्राओं को नई छात्रवृत्ति की घोषणा हो सकती है। मध्यम और गरीब आय वर्ग के परिवारों को रोजगार के लिए ऋण की नई योजनाएं इस बजट में प्रस्तावित की जा सकती हैं।
राज्य मेडिकल कालेज की हो सकती है घोषणा
मुरादाबाद। मुरादाबाद में राजकीय मेडिकल कालेज स्थापित कराने की पुरानी मांग है। पिछले बार केंद्र सरकार ने असेवित इलाकों में मेडिकल कालेज स्थापित कराने की घोषणा की थी, उसमें मुरादाबाद शामिल नहीं हुआ था लेकिन इस बार प्रदेश सरकार के बजट में मुरादाबाद के लिए राजकीय मेडिकल कालेज की घोषणा के आसार हैं। पिछले साल पुलिस के अस्पताल वाली जमीन को प्रशासनिक स्तर पर अंतिम रूप दे दिया गया था लेकिन शासन ने मुरादाबाद को शामिल नहीं किया था।
राजकीय विवि बनाने की है पुरानी मांग
मुरादाबाद। हर मंडल में राजकीय विश्व विद्यालय खोले जाने की यहां के लोगों की पुरानी मांग है। कई मंडलों में राजकीय विवि स्थापित भी हो गए हैं। यहां के युवाओं और छात्रों को उम्मीद है कि इस बार के बजट में प्रदेश सरकार राज्य विश्व विद्यालय की घोषणा कर सकती है।