गलशहीद के कृष्ण मुरारी हत्याकांड में जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने पत्नी और उसके भाई को दोषी मानते हुए पांच-पांच साल की सजा और दस दस हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। पत्नी ने अपने भाई के साथ मिलकर पति की ईंट और पत्थरों से कुचल कर हत्या कर दी थी।
थाना गलशहीद में मई 2017 में जगदीश प्रसाद निवासी डबल फाटक ने मुकदमा दर्ज कराया कि उसका भाई कृष्ण मुरारी का उसकी पत्नी साधना से झगड़ा हो गया था। झगड़े के बाद साधना ने अपने भाई मनोज के घर गलशहीद आ गई थी। जिसके पीछे पीछे उसको समझाने के लिये कृष्ण मुरारी भी उसके घर से चला गया था। जहां साधना और मनोज ने मिलकर ईंट व पत्थरों से कृष्ण मुरारी की हत्या कर दी। उक्त मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दोनों के खिलाफ चार्जशीट अदालत में पेश की थी। जिसकी सुनवाई जनपद न्यायाधीश राम कृष्ण गौतम की अदालत में हुई। जहां सरकार की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता संजीव कुमार व सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता संजीव अग्रवाल ने पक्ष रखा। अदालत ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद ठोस सबूतों के आधार पर आरोपी साधना व मनोज कुमार को पांच पांच साल के कारावास के साथ साथ दोनों पर दस दस हजार रूपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।