थानों और चौकी में भ्रष्टाचार की शिकायत अक्सर आती है लेकिन सोमवार को एसएसपी कार्यालय में ही भ्रष्टाचार का मामला एसएसपी के सामने आया है। सेवानिवृत्त संभल निवासी दरोगा ने एसएसपी को बताया कि उसे तीन माह से पेंशन नहीं मिल रही है, इसके लिए एक सर्टिफिकेट चाहिए। जिसके बदले में बाबू एक हजार रुपये मांग रहा है।
एसएसपी जे रविन्दर गौड ने दरोगा की शिकायत पर बाबू को अपने कार्यालय में बुलाया। वहां पर एसएसपी ने पूछा कि किस सर्टिफिकेट के एक हजार रुपये मांग रहे हो तो बाबू ने कहा कि कार्यालय से किसी प्रकार का सर्टिफिकेट दरोगा को दिया जाना बाकी नहीं है, रिश्वत लेने का आरोप गलत है। दरोगा ने बताया कि वो झूठ नहीं बोल रहा है। हालांकि, एसएसपी ने जांच कराई तो पता चला कि दरोगा को जो दस्तावेज चाहिए था, वह उसके मूल जनपद संभल में पुलिस कार्यालय और पुलिस मुख्यालय लखनऊ भेजा जा चुका है। एसएसपी ने बताया कि दरोगा ने लिखित शिकायत नहीं की है, हालांकि वह खुद ही इस मामले में रिश्वत मांगे जाने के आरोप के संबंध में जांच करवा रहे हैं। आरोप सही पाए गए तो बाबू के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।