शहर की घनी आबादी के बीच चल रही पीतल फर्म में शनिवार सुबह गैस सिलिंडर लीकेज से भीषण आग लग गई। जिसमें एक कर्मचारी झुलस गया। आग की लपटें फैली तो तेज आवाज के साथ गैस सिलिंडर फट गया। जिससे पूरा इलाका दहल गया। आस पड़ोस के मकानों की दीवारों में दरार आ गई, जबकि खिड़कियों के शीशे भी चकनाचूर हो गए। सूचना मिलने पर दमकल विभाग की गाड़ी मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया गया। इस अग्निकांड में लाखों रुपये का नुकसान होने का अनुमान है।
सिविल लाइंस के रामगंगा विहार निवासी सतीश दुबे की अशोक नगर में दुबे ट्रेडर्स नाम से पीतल फर्म है। शुक्रवार रात फर्म बंद करने के बाद कर्मचारी अपने अपने घर चले गए थे। शनिवार सुबह साढे़ आठ बजे कर्मचारी अमित निवासी डिप्टी गंज ने फर्म का गेट खोला और वह ऊपरी मंजिल पर पहुंच गया। अमित ने बताया कि उसने जैसे ही बल्ब का स्विच ऑन किया। अचानक आग गई। जिसमें उसका हाथ भी झुलस गया। वह चीखते हुए जीने से नीचे उतरा और आस पड़ोस के लोगों को आग लगने की जानकारी दी।
जब तक लोग जुटे तब तक आग की लपटें ऊंची उठ चुकी थीं। कुछ ही देर में फैक्ट्री में रखा एक सिलिंडर तेज आवाज के साथ फट गया। जिससे आस पड़ोस के लोग भी घबरा गए। उनके मकानों की दीवारों दरारें पड़ गई। जबकि शीशा टूटकर चकनाचूर हो गए। दूसरे घरों में धुआं पहुंचा तो लोग इतने घबरा गए कि उन्होंने अपने मकान खाली कर दिए। इसके बाद लोगों ने दमकल विभाग को इसकी जानकारी दी। तंग गली होने के कारण गाड़ी अंदर नहीं पहुंच पाई।
दमकल कर्मचारियों ने पाइप डालकर फैक्ट्री तक पानी पहुंचाया। इसके बाद आग पर काबू पाया गया। इस अग्निकांड से लाखों रुपये का सामान जलकर राख हो गया। घनी आबादी के बीच चल रही फैक्ट्री को लेकर लोगों में गुस्सा है। उनका कहना है कि कई बार उन्होंने यहां से फैक्ट्री हटवाने की मांग की है। लेकिन प्रशासन की ओर से फैक्ट्री बंद करने को कोई कार्रवाई नहीं की गई। मुख्य अग्निशमन अधिकारी मुकेश कुमार ने बताया कि सूचना मिलने के तुरंत बाद ही हमारी टीम मौके पर पहुंच गई थी और आग पर काबू पा लिया गया है।