उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) के हत्थे चढ़े सॉल्वर गैंग ने खुलासा किया है कि उन्होंने परीक्षा से लेकर नियुक्ति पत्र दिलाने तक का ठेका बारह लाख रुपये में लिया था। अभ्यर्थियों को तीन बार में बारह लाख रुपये देने तय हुए थे। पहली किस्त चार लाख रुपये की दे चुके हैं। अभ्यर्थी को केवल अपने दस्तावेज और फोटो दिए। इसके बाद सभी कार्य गैंग को ही करना था। परीक्षा उत्तीर्ण होने के बाद कोई अभ्यर्थी रुपये देने में आनाकानी करे तो इसके लिए उनके दस्तावेज इस गिरोह ने अपने कब्जे में ले लिए थे। परीक्षा पास होने के बाद नियुक्ति कराने में भी इस गिरोह ने अपनी भूमिका बताई थी।
11 आरोपियों के खिलाफ मझोला थाने में केस
मुरादाबाद। एसटीएफ के इंस्पेक्टर अजय पाल सिंह ने मझोला थाने में ग्यारह आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कराया है। इसमें से छह आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। जबकि एक आरोपी को बिजनौर में पकड़ा गया है। उसके खिलाफ बिजनौर में केस दर्ज किया गया है। मझोला थाने में दी तहरीर में बताया गया कि आरोपियों ने कूटरचित दस्तावेज तैयार कर षड्यंत्र रचकर दूसरे अभ्यर्थी के स्थान पर परीक्षा देने व मौके से से छह अभ्यर्थियों के पकड़े जाने की जानकारी दी। इसके अलावा पांच आरोपी मौके से भाग गए। गिरफ्तार आरोपी सचिन, जितेंद्र सैनी, सिप्पू उर्फ सिरदारी, मिथलेश, सौरभ, विपिन हैं। जबकि फरार आरोपी राजपाल निवासी खरखैदा थाना डिडौली अमरोहा, राज कुमार निवासी हाकिमपुर थाना आदमपुर अमरोहा, राजेश वौध निवासी पखमारी थाना धनौरा अमरोहा, इस्तेकार निवासी कैलसा थाना नौगावां जनपद अमरोहा और अंकित निवासी रामगंगा विहार फेस टू सिविल लाइंस है।