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33 लाख की लूट का खुलासा आज, शिकंजे में आरोपी

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मुरादाबाद।
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ठीक 14 दिन पहले पीली कोठी चौराहे के पास दिनदहाड़े एक्सिस बैंक के दरवाजे से 33 लाख रुपये लूटने वाला गैंग पुलिस के हत्थे चढ़ गया है। वारदात पश्चिम बंगाल में जलपाई के लुटेरों ने की थी। सूत्राें की मानें तो पुलिस ने लूट की 90 फीसदी रकम भी बरामद कर ली है। शनिवार को पुलिस घटना का औपचारिक खुलासा करने की तैयारी में जुटी है। पकड़ा गया गैंग लखनऊ, शाहजहांपुर और बरेली में भी वारदात कर चुका है। लुटेरों का एक साथी अभी पुलिस पकड़ से दूर है।
पांच मई को दोपहर करीब सवा दो बजे बाइक सवार दो लुटेरों ने पीली कोठी के पास स्थित एक्सिस बैंक के बाहर सिक्योरिट्रांस कंपनी के दो कर्मचारियों से 33 लाख रुपये छीन लिए थे। घटना उस वक्त हुई जब दोनों कर्मचारी बैंक से कैश लेकर बैंक गेट पर खड़ी कैश वैन में रखने जा रहे थे। सिक्योरिट्रांस कंपनी एटीएम में पैसे डालने का काम करती है। घटना के बाद पुलिस को आसपास लगे कुछ सीसी कैमरों से फुटेज से अहम सुराग मिले थे। घटना के चार दिन बाद ही पुलिस ने वारदात में शामिल जलपाई गुड़ी के गैंग को चिन्हित कर लिया था। शुक्रवार को पुलिस को इस लूटकांड में बड़ी कामयाबी हाथ लगी। सूत्रों का कहना है कि पुलिस ने जलपाईगुड़ी निवासी वारदात के मास्टरमाइंड समेत घटना में शामिल दो लुटेरों को धर दबोचा है। इनकी निशानदेही पर पुलिस ने लूटी गई रकम में से 90 फीसदी रकम बरामद कर ली है। वारदात में मुख्य रूप से तीन लुटेरे शामिल रहे। गैंग का नाता सिविल लाइंस की आदर्श कालोनी से उजागर हुआ है। पकड़ा गया गैंग बरेली, शाहजहांपुर और लखनऊ में भी वारदात कर चुका है। लुटेरों की कानपुर में रिश्तेदारी है। सूत्राें का कहना है कि घटना के बाद कानपुर में भी लुटेरों ने पनाह ली। एसएसपी जे रविंद्र गौड ने बताया कि चिन्हित किए गए लुटेरों के बारे में महत्वपूर्ण कामयाबी हाथ लगी है। पश्चिम बंगाल से लेकर मुरादाबाद तक पुलिस की टीम आरोपियों की धरपकड़ में लगी हुई है। वारदात का जल्द खुलासा किया जाएगा।
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पुलिस को महत्वपूर्ण चीजें हाथ लगी हैं। पुलिस टीमें कामयाबी के बेहद करीब हैं। बदमाशों की गिरफ्तारी व रिकवरी के लिए छापामारी की जा रही है। अगले 24 घंटे में घटना का खुलासा कर दिया जाएगा। - बिनोद कुमार सिंह, आईजी।
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जेल से मिली थी पुलिस को लुटेरों के बारे में जानकारी
मुरादाबाद। 33 लाख की लूट की वारदात के बाद पुलिस ने मुरादाबाद जिला जेल में जाकर बदमाशों से पूछताछ की थी। इसके अलावा मुखबिर भी सतर्क किए गए थे। यहां से पुलिस को आरोपियों के बारे में पता चल गया था, जिसके बाद पुलिस ने आरोपी के करीबियों पर शिकंजा कसा तो आरोपियों में से एक के रिश्तेदार के बारे में जानकारी हो गई, उनसे आरोपी के बारे में जानकारी करने के लिए पुलिस कानपुर पहुंची तो लुटेरे की तस्दीक हो गई। इसके बाद पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पश्चिम बंगाल और असम में डेरा डाल दिया। लंबे इंतजार के बाद आरोपी पुलिस के शिकंजे में आया, जिसके बाद पुलिस ने अन्य की तलाश तेज कर दी है।
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