जोन सिस्टम लागू होने के बाद बृहस्पतिवार को आटो चालकों ने हंगामा किया तो ट्रैफिक पुलिस ने यात्रियों की सुुविधा को ध्यान में रखकर जोन व्यवस्था में सुधार कर दिया है। निर्णय लिया है कि अब चारो जोन के आटो फव्वारा चौक से डबल फाटक तक दौड़ेंगे। संशोधित रूट सिस्टम शुक्रवार देर रात से लागू कर दिया गया।
एसपी ट्रैफिक सतीश चंद्र ने बताया कि अब तीन और चार जोन के आटो को रेलवे स्टेशन पर ही नहीं रुकना पडे़गा। वह सवारियों को फव्वारा तक लेकर आ सकेंगे। जोन एक और दो के आटो भी अब रेलवे स्टेशन नहीं बल्कि डबल फाटक तक सवारियों को लेकर आवागमन कर सकेंगे, इससे सवारियों को भी राहत मिलेगी।
आटो चालकों की कई और मांगे हैं। जिनको मंजूरी नहीं दी गई है। एसपी यातायात सतीश चंद्र का कहना है कि जोन का दायरा बढ़ाया गया है। जिससे कि सवारियों को राहत मिल सके और उनको आटो न बदलने पडे़। मझोला, सिविल लाइन क्षेत्र की ओर से स्टेशन रोड जाने वाले आटो को डबल फाटक तक जाने दिया जाएगा। कटघर और कोतवाली क्षेत्र की ओर से आने वाले वाहन चालकों को भी फव्वारा तिराहा तक आने की इजाजत मिलेगी। एसपी का कहना है कि अब मनमाना किराया भी आटो चालक नहीं वसूल सकेंगे। जरूरत पड़ी तो और बदलाव किया जाएगा लेकिन जोन सिस्टम लागू रहेगा। बीमार लोगों को अगर उपचार के लिए अस्पताल जाना है तो किसी भी जोन के आटो में बैठाकर वह अस्पताल जा सकेंगे।
आटो-ई-रिक्शा में स्कूल नहीं जा सकेंगे बच्चे
मुरादाबाद। जोन व्यवस्था लागू होने के बाद अभिभावकों की भी परेशानी बढ़ गई है। जिन अभिभावकों के घर और उनके बच्चों का स्कूल अलग अलग जोन में है। उनके बच्चों को भी स्कूल ले जाने और वहां से लाने वाले आटो और ई-रिक्शा को भी राहत नहीं दी गई है। एसपी यातायात सतीश चंद्र का कहना है कि खुले वाहनों आटो और ई-रिक्शा में स्कूली छात्र, छात्राओं को ले जाने पर सुप्रीम कोर्ट ने पाबंदी लगाई है। ऐसे में जल्द ही शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर कोई न कोई विकल्प तलाशा जाएगा।
बुकिंग आटो को लेकर नहीं है फिलहाल कोई व्यवस्था
मुरादाबाद। अगर आप शहर में अलग अलग जगह आटो को बुक कर जाना चाहते हैं तो फिलहाल इसके लिए जोन सिस्टम में कोई व्यवस्था नहीं है। आपको अलग अलग जोन के आटो में बैठकर ही सफर करना पडे़गा। या फिर प्राइवेट टैक्सी बुक कर सफर करना पडे़गा, जिससे की परेशानी न झेलनी पडे़।
अब भी आटो चालकों की कई मांगें बरकरार
मुरादाबाद। आटो रिक्शा चालक वेलफेयर सोसाइटी के संरक्षक किशनलाल ने बताया कि रेलवे स्टेशन परिसर में जोन व्यवस्था लागू होने पर सभी जोन के आटो का केंद्र बनाने के लिए आटो स्टैंड दिलाने का वायदा पुलिस ने किया था जो पूरा नहीं किया है। जोन संख्या एक में आटो चालकों को शहर के बॉर्डर तक जाना है। जोन संख्या एक में कांठ रोड पर किले पर आटो रोक दिया है, जबकि उसे भटावली तक जाने की अनुमति मिलनी चाहिए। चारो जोन में आटो स्टैंड बन जाए और प्रत्येक आटो को दोनों सीएनजी पंप पर जाने की अनुमति हो जब तक शहर में दूसरा सीएनजी पंप न उपलब्ध हो जाए। आटो रिक्शा से अलग जो अवैध वाहन (विक्रम, मैजिक) चल रहे हैं, उन पर रोक लगे। संरक्षक ने बताया कि उनको कुछ आटो चालक को जान से मारने की धमकी दी जा रही है। उन्होंने पुलिस से सुरक्षा की मांग की है।
सात सौ अवैध आटो शहर से बाहर हुए
मुरादाबाद। एसपी यातायात ने बताया कि शहर में चल रहे सात सौ अवैध आटो बाहर कर दिए गए हैं। इनमें तीन सौ से अधिक आटो चंदौसी की तरफ से शहर में आ रहे थे और चार सौ से अधिक आटो कांठ से शहर तक आ रहे थे। इन आटो के आने से शहर में जाम की स्थिति बन रही थी। जोन सिस्टम लागू कर ऐसे आटो को शहर में आने से रोक दिया गया है। संज्ञान में आया है कि आटो चालकों को उकसाने का कार्य ऐसे आटो चालक कर रहे हैं, जिनको शहर में आने की परमिशन नहीं है। ऐसे आटो चालकों पर कार्रवाई होगी।
पंजीकरण किसी के नाम, आटो चला रहा कोई और..
मुरादाबाद। जोन सिस्टम लागू किए जाने के बाद खुलासा हुआ है कि आटो का पंजीकरण किसी के नाम है और चला कोई रहा है। ऐसे में कई आटो चालक ऐसे आए हैं। जो खुद आटो के मालिक हैं लेकिन दस्तावेजों में आटो का मालिक कोई और है। कई लोग शहर से बाहर रह रहे हैं। जोन व्यवस्था में आटो मालिक के नाम पर ही परमिशन दी गई है और जोन भी उनके क्षेत्र का मिला है। जबकि वर्तमान में जो व्यक्ति आटो मालिक है, वह दूसरे क्षेत्र का रहने वाला है तो अब वह आरटीओ जाकर आटो अपने नाम दर्ज करवा रहे हैं, जिससे की उनको अपने क्षेत्र में आटो चलाने की इजाजत मिल सके। पुलिस का कहना है कि इस व्यवस्था से न केवल जाम से राहत मिलेगी बल्कि आटो में आपराधिक वारदात होने पर आरोपी का जल्द पता चलेगा।
छूट के बावजूद अस्पताल आने, जाने में भी दिक्कत
मुरादाबाद। अस्पताल में इलाज के लिए आने जाने वाले लोगों को भी परेशानी झेलनी पड़ रही है। दूसरे जोन में जाने के लिए आटो चालक तैयार नहीं हो रहे हैं। उनको भी आटो बदलकर ही सफर करना पड़ रहा है। पुलिस ने जो पोस्टर जारी किए हैं, उसमें भी बीमार लोगों के लिए कोई अलग से व्यवस्था नहीं की गई है। इसलिए आटो चालक उनको दूसरे जोन में लेकर जाने के लिए तैयार नहीं हो रहे हैं। हालांकि, सीओ यातायात वीरपाल सिंह का कहना है कि बीमार लोगों को अस्पताल या अस्पताल से घर ले जाने वाले आटो चालकों को यातायात पुलिस नहीं रोकेगी। बीमार लोगों को अस्पताल लाने और ले जाने के लिए आटो चालकों को छूट मिलेगी।
अव्यवस्था: निकले आंसू, छलका दर्द, पैदल करना पड़ा सफर
- जोन व्यवस्था लागू होने के बाद किराए के साथ ही परेशानी भी बढ़ी
अमर उजाला ब्यूरो
मुरादाबाद। यातायात पुलिस ने शहर में ई-रिक्शा और आटो के लिए चार जोन बनाए हैं। व्यवस्था तो शहरवासियों को जाम से निजात दिलाने के लिए बनाई गई थी। लेकिन इस नई व्यवस्था ने दो दिन में ही शहरवासियों को परेशान कर दिया । उनको घर, आफिस, अस्पताल, रिश्तेदारों के घर, बाजार जाने के लिए आटो भी समय पर नहीं मिल रहे हैं। कुछ आटो चालकों पर मनमाना किराया वसूलने का भी आरोप हैं। इस अव्यवस्था के कारण रेलवे स्टेशन पर मौजूद महिला रो पड़ी तो कई लोग पैदल ही सफर करते हुए नजर आए और इसके बारे में पूछने पर उनका दर्द छलक उठा। उन्होंने जोन सिस्टम में सुधार की मांग की है।
कपूर कंपनी के पास शुक्रवार को छात्राएं मोना, सिमरन पैदल जाती दिखीं। उन्होंने बताया कि फव्वारा तिराहा से वह पैदल जा रही हैं क्योंकि प्रभात मार्केट जाने के लिए आटो नहीं मिले। कांशीराम नगर जाने के लिए महिला मोहनी देवी को जब रेलवे स्टेशन से आटो नहीं मिला तो वह परेशान हो गई और रोने लगी। कहने लगी कि करीब पौन घंटा हो गया। वह बरेली से मुरादाबाद आई लेकिन कांशीरामनगर जाने के लिए एक घंटे तक आटो नहीं मिला। पीली कोठी पर सवारी के इंतजार में खडे़ एनके शर्मा और निशि शर्मा ने बताया कि कपूर कंपनी तक जाने के लिए आटो चालक उनसे 20 रुपये प्रति सवारी किराया मांग रहे हैं। इस वजह से वह परेशान हुए। जोन सिस्टम लागू होने के बाद जगह जगह आटो बदलने पड़ रहे हैं, किराया भी ज्यादा देना पड़ रहा है।