एसएसपी ने बृहस्पतिवार को पुलिस लाइन में सिविल लाइन थाने में अपराध की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने दो दरोगा सहित पांच पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर किया गया है।
एसएसपी जे रविंदर गौड ने बताया कि थाना सिविल लाइन में अपराध की समीक्षा के दौरान पिछले तीन माह का रिकॉर्ड चेक किया गया। इसमें संतोषजनक कार्य न होने के कारण दरोगा भूषण चौधरी, हरीशंकर यादव, सिपाही संदीप कुमार, नरेश राठी और रोहित कुमार को लाइन हाजिर कर दिया गया है। इसके अलावा अन्य दरोगाओं को जल्द से जल्द वांछित आरोपियों की गिरफ्तारी करने और लंबित विवेचनाओं के निस्तारण के निर्देश दिए गए हैं। करीब तीन घंटे तक चली इस समीक्षा बैठक में एसएसपी ने हर संगीन मामलों की विवेचना के बारे में जांच अधिकारियों से जानकारी हासिल की। इस दौरान एसपी सिटी अंकित मित्तल और एएसपी अपर्णा गुप्ता मौजूद रहीं।
डेढ़ बजे हमला और एक बजे सिपाही पहुंच गया अस्पताल
मुरादाबाद। सिविल लाइन थाने में एक सिपाही ने आरोप लगाया कि दबिश के दौरान उस पर जानलेवा हमला किया गया। इस मामले में आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया लेकिन आरोपी का परिवार अब पुलिस की कहानी पर मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर सवाल उठ रहे हैं।
सिपाही ने 12 जुलाई को दोपहर डेढ़ बजे खुद पर हमला होने की बात कह एफआईआर दर्ज करवाई है लेकिन मेडिकल रिपोर्ट में पता चला है कि वह वारदात से आधे घंटे पहले अस्पताल में दोपहर एक बजे पहुंचा था। इस मामले में मेडिकल रिपोर्ट पर अंकित समय और एफआईआर में अंकित समय की जांच कराए जाने पर हकीकत का पता चल सकेगा।