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हाईड्रोफोबिया पीड़ित ग्रामीण की उपचार के दौरान मौत-Cordination

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बिलारी।
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कोतवाली के ग्वालखेड़ा गांव में हाइड्रोफोबिया से पीड़ित ग्रामीण की उपचार के दौरान सोमवार की अपराह्न मौत हो गई। इस घटना के बाद ग्वालखेड़ा के ग्रामीणों ने जंगली कुत्तों को पकड़वाने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया।
ग्वालखेड़ा निवासी हमीद के 30 वर्षीय मजदूर बेटे अशफाक को साल भर पहले जंगल में आवारा कुत्ते ने काटकर घायल कर दिया था। घायल अशफाक का परिजनों ने देशी इलाज कराया। उसके ठीक हो जाने पर परिवार वाले बेफिक्र हो गए। बीते शनिवार की रात अचानक अशफाक की हालत बिगड़ गई और वह चीखने चिल्लाने लगा। रविवार की सुबह परिजन उसे उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिलारी लाए। यहां से डाक्टरों ने उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। यहां के डाक्टरों ने अशफाक को यह कहते हुए घर भेज दिया कि उसमें हाइड्रोफोबिया के पूरे लक्षण हो गए हैं। अब शेष समय घर पर रहकर ही उसका इलाज किया जाए।
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परिजनों के मुताबिक सोमवार की अपराह्न लगभग तीन बजे अशफाक की मौत हो गई। गरीब मजदूर की मौत पर परिजनों में कोहराम मच गया। परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है। मृतक के परिवार में उसकी मां सरवरी और पत्नी गुलशन के अलावा दो नाबालिग बेटियां हसमती और सीमा हैं। मौके पर ग्रामीण आपस में यही चर्चा कर रहे थे कि शायद समय रहते अस्पताल में इलाज कराकर एंटी रैबीज इंजेक्शन लगवाया होता तब शायद उसकी मौत न होती। उधर ग्वालखेड़ा के ग्रामीणों ने ग्वारऊ संपर्क मार्ग पर प्रदर्शन कर अधिकारियों को अपनी मांगों का ज्ञापन भेजा है।
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