फिल्मों में काम दिलाने के बहाने महिला के साथ दुष्कर्म करने के मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश तेरह इंतेखाब आलम की अदालत ने मुलजिम दानिश को दोषी करार देते हुए दस साल की कैद की सजा सुनाई। जबकि 25 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। इस मामले में सरकार की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता रणजीत सिंह राठौर ने पक्ष रखा।
एडीजीसी रणजीत सिंह राठौर ने बताया कि 3 जून 2011 को मुगलपुरा थाने में पीड़ित महिला के पति ने आरोपी दानिश निवासी कटघर के खिलाफ केस दर्ज कराया था। जिसमें बताया था कि आरोपी उसकी पत्नी का अपहरण कर ले गया है। महिला अपने साथ जेवरात और नकदी भी ले गई थी। पुलिस ने महिला को बरामद किया और उसके अदालत में बयान दर्ज कराए। महिला ने अपने बयानों में कहा था कि कि आरोपी दानिश उसे मुंबई में फिल्मों में काम दिलाने के बहाने अपने साथ ले गया था। आरोपी ने उसके साथ दिल्ली और मुुंबई में दुष्कर्म किया था। पुलिस ने इस मामले की तफ्तीश पूरी करने के बाद आरोपी के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दाखिल की। इस केस की सुनवाई एडीजे तेरह इंतेखाब आलम की अदालत में चली। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने और महिला की मेडिकल रिपोर्ट व पीड़ित महिला व गवाहों के बयान के आधार पर मुलजिम दानिश को दोषी करार दिया। अर्थदंड की धनराशि जमा न करने पर दोषी को अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।