बिलारी (मुरादाबाद)। साल भर पहले अमेठी जनपद से अपहृत की गई एक किशोरी बुधवार की दोपहर कोतवाली बिलारी के एक गांव से बरामद हो गई। किशोरी को दलालों ने 80 हजार रुपये में एक मजदूर को बेचा था। अमेठी जिले से आई पुलिस किशोरी को बरामद कर बयानों के लिए अपने साथ ले गई है।
अमेठी जनपद के थाना संग्रामपुर से बुधवार की दोपहर दरोगा उमेश कुमार मिश्रा, सिपाही अशोक प्रताप सिंह और महिला सिपाही प्रतिभा वर्मा कोतवाली बिलारी पहुंचे। यहां पुलिस से मिलकर बताया कि अदालत के आदेश पर अमेठी जिले के थाना संग्रामपुर में 16 वर्षीय किशोरी के अपहरण का एक मुकदमा 14 दिसंबर 2017 को दर्ज हुआ है। इस मुकदमे के मुताबिक थाना संग्रामपुर के एक गांव निवासी ग्रामीण ने जुलाई 2017 में अपनी नाबालिग बेटी के अपहरण का मुकदमा अमेठी जनपद के थाना अंतू निवासी रोहित और अच्छेलाल के खिलाफ दर्ज कराया है। इस मुकदमे की विवेचना के दौरान बिलारी के बहादरपुर गांव निवासी रवि का नाम सामने आया है।
बिलारी पुलिस की मदद से संग्रामपुर पुलिस रवि को पकड़कर जब कोतवाली लाई तब रवि ने पूरा घटनाक्रम बता दिया और बताया कि उसके रिश्ते के मामा सुरजीत के घर में बाहर की एक लड़की पत्नी बनकर रह रही है। यह जानकारी मिलते ही पुलिस तत्काल सुरजीत के घर पहुंची। सुरजीत तो घर नहीं मिला लेकिन उसकी पत्नी के रूप में रह रही अमेठी जनपद की अपहृत किशोरी पुलिस को मिल गई। संग्रामपुर पुलिस से जानकारी करने पर पता चला कि इस मुकदमे में की गई नामजदगी फर्जी थी। उधर किशोरी के पति ने पुलिस को बताया कि उसे 80 हजार रुपये में एक रिश्तेदार के माध्यम से बेचा गया था। अब संग्रामपुर पुलिस और बिलारी पुलिस बिचौलियों के गिरोह के सदस्यों के बारे मेें भी जानकारी जुटा रही है।