बेशक पुलिस ने कासिम हत्याकांड का सही खुलासा किया हो, लेकिन पुलिस की कार्यप्रणाली कठघरे में आ गई है। साइकिल, बाइक और मोबाइल चोरी की छोटी छोटी घटनाओं का खुलासा करने वाली पुलिस टीम की पीठ थपथपाने वाले अफसरों ने भी इस घटना पर खामोशी की चादर ओड़ ली। कासिम की तलाश में पुलिस, क्राइम ब्रांच और खुफिया एजेंसियां जुटी थीं। लेकिन उसकी हत्या कर दी गई। पुलिस ने हत्यारोपी को गिरफ्तार किया। पुलिस ने इस सनसनीखेज हत्याकांड का खामोशी से खुलासा कर दिया। पुलिस हत्यारोपी को मीडिया के सामने भी नहीं लाई। पुलिस ने उसे चुपके से अदालत में पेश कर दिया।
पाकबड़ा निवासी कासिम सैफी 27 दिसंबर को लापता हुआ था। वह अपने घर से तहसील जाने के लिए कहकर निकला था। पाकबड़ा थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। कासिम के मोबाइल की कॉल डिटेल से पता था कि अंतिम कॉल विकास चौधरी ने की थी। दोनों के बीच फोन पर पहले भी लंबी बताई हुई थी। पुलिस ने विकास को थाने बुलाया। लेकिन पूछताछ के बाद छोड़ दिया था। गुमशुदगी दर्ज कराने के बाद से ही विकास और उसकी महिला साथी पर शक जता रहे थे। लेकिन पुलिस ने इसको गंभीरता से नहीं लिया था। दोबारा परिजन एसएसपी से मिले तब पुलिस हरकत में आई थी। आरोपी विकास को हिरासत में लेकर पूछताछ की। तब गुरुवार को उसकी निशानदेही पर शामली से शव बरामद किया। कासिम की हत्या के खुलासे पर परिजन सवाल उठा रहे हैं। परिजनों ने कहा कि पुलिस ने सही खुलासा नहीं किया है। साजिश कर्ता महिला और एक आरोपियों को बचाया जा रहा है।
उसने मुझे अपमानित किया तो मार डाला
मुरादाबाद। हत्यारोपी विकास को पुलिस शुक्रवार सुबह मुरादाबाद लेकर आई। एसपी सिटी ने बताया कि पूछताछ में आरोपी ने अपना गुनाह कबूल किया है। उसने बताया कि कासिम ने उसे व उसकी जाति पर पर आपत्ति जनक टिप्पणी की थी। इसी रंजिश में उसने साजिश रच कर उसकी हत्या की। पुलिस का दावा है कि विकास ने कहा कि कासिम ने उसे अपमानित किया तो उसे मार डाला। शुक्रवार को पुलिस ने हत्यारोपी को अदालत में पेश किया। जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।
हत्यारोपी विकास ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि वह कासिम को बहाने से अपने गांव लेकर आ गया था। जहां पर उसने अपने दोस्त गांव भभीसा निवासी कुलदीप के साथ मिल कर मजरा शाहपुर के जंगल में ले गए थे। जहां दोनों ने मिल कर कासिम को गोली मार दी थी। इसके बाद शव को ईख के खेत में फेंककर फरार हो गए। विकास ने बताया कि उसने कासिम को मोबाइल ट्रेन में रख दिया था। इसके बाद वापस मुरादाबाद आ गया था। शुक्रवार को पुलिस ने हत्या आरोपी विकास को अदालत में पेश किया। जहां से उसे जेल भेज दिया गया है। इससे पहले पुलिस ने कड़ी सुरक्षा में आरोपी का जिला अस्पताल में मेडिकल कराया गया।