डॉ. भीमराव आंबेडकर पुलिस अकादमी में प्रशिक्षण ले रहे 16 आईपीएस सोमवार को सिविल लाइन थाने पहुंचे। उन्होंने इस दौरान पीड़ित की शिकायत पर दर्ज की जाने वाली एफआईआर से लेकर विवेचना के आधुनिक तरीकों के बारे में जानकारी की। इसके बाद वह नारी उत्थान केंद्र पहुंचे। वहां पर उन्होंने दंपती की शिकायत से लेकर दुष्कर्म पीड़िताओं को न्याय दिलाने के लिए बने पैरवी सेल के बारे में जानकारी की।
दोपहर को करीब सवा बजे एडीजी सुनील कुमार गुप्ता के साथ 16 आईपीएस जब पुलिस अकादमी से सिविल लाइन थाने आए। वहां पर एसएसपी जे रविन्दर गौड सहित पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। एसएसपी ने उनको थाने के बारे में जानकारी दी। इसके बाद थाने के कार्यालय में जाकर सीसीटीएनएस प्रोजेक्ट के बारे में उन्होनें जानकारी की। थाने के कंप्यूटर आपरेटर अमित ने उनको बताया कि सीसीटीएनएस की वजह से अब घंटों का काम मिनटों में होने लगा है और मुरादाबाद पहला जिला है, जहां से केस डायरी भी अब आनलाइन ही न्यायालय भेजी जा रही है। विवेचक मोबाइल की मदद से आनलाइन पर्चे काट रहे हैं। थाने में करीब आधे घंटे तक रुकने के बाद सभी प्रशिक्षु आईपीएस पुलिस लाइन स्थित नारी उत्थान केंद्र पहुंचे। यहां पर उनको बताया गया कि मुरादाबाद ही पहला जिला है, जहां पर दंपतियों की शिकायत सुलझाने और दुष्कर्म, छेड़खानी पीड़िताओं को केस में मदद दिलाने से लेकर उनके रहन सहन और जीविका के लिए प्रशिक्षण देने में मदद के लिए नारी उत्थान केंद्र को गत वर्ष बनाया गया है। जिसका उदघाटन डीजीपी ओपी सिंह ने किया। वह नारी उत्थान केंद्र से काफी प्रभावित दिखे। करीब पौ घंटे तक यहां रुकने के बाद वह वापस पुलिस अकादमी गए। इस दौरान एसपी सिटी अंकित मित्तल, एसपी देहात उदय प्रताप सिंह सहित अन्य पुलिस अधिकारी भी मौजूद रहे।