- सोनकपुर में सीलिंग की जमीन एक करोड़ में बिकवा दी
- अब भू माफिया लिस्ट में नाम बताकर 20 लाख वसूलने का आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
मुरादाबाद।
जिले में तैनात एक लेखपाल पर सीलिंग की जमीन का सौदा करने के आरोप लगे हैं। खरीदार स्क्रैप व्यापारी का आरोप है कि खुद को तत्कालीन डीएम जुहैर बिन सगीर का करीबी बताने वाले लेखपाल देवेंद्र सिंह चौहान ने जमीन को सीलिंग से मुक्त कराने का वादा करके उन्हें जमीन खरीदवाई थी। लेकिन जमीन एमडीए के कब्जे में थी और सीलिंग मुक्त नहीं हुई। स्क्रैप व्यापारी का आरोप है कि अब नई सरकार आने पर लेखपाल ने भू माफिया लिस्ट में नाम बताकर 20 लाख रुपये वसूल लिए।
मझोला थाना क्षेत्र में जयंतीपुर शिव मंदिर वाली गली निवासी स्क्रैप व्यापारी हाजी रिजवान ने मुख्यमंत्री व डीएम को भेजी शिकायत में आरोप लगाया है कि लेखपाल देवेंद्र सिंह चौहान और विशाल ने दो जून 2016 को उन्हें सोनकपुर में सीलिंग की जमीन दिखाकर एक करोड़ रुपये में सौदा किया था। आरोप है कि लेखपाल ने खुद को तत्कालीन डीएम जुहैर बिन सगीर का बेहद खास बताते हुए दावा किया था कि वह जमीन को सीलिंग मुक्त करा देगा। स्क्रैप व्यापारी का दावा है कि उन्हाेंने एक करोड़ रुपये चुका दिए इसके कुछ दिन बाद लेखपाल देवेंद्र ने 17 जून 2016 और चार अगस्त 2016 को दो आदेश दिखाते हुए दावा किया कि डीएम ने जमीन को सीलिंग मुक्त कर दिया है। लेखपाल के कहने पर रिजवान ने जमीन की बाउंड्री शुरू करा दी लेकिन सीलिंग की जमीन पर कब्जा शुरू हुआ तो एमडीए हरकत में आ गया और काम रुकवा दिया। प्राधिकरण ने इस मामले में हाईकोर्ट में रिट भी दाखिल कर दी। जिसके बाद बाउंड्री गिरा दी गई।
रिजवान का आरोप है कि लेखपाल ने सीलिंग की जमीन का सौदा कराकर उनकी रकम हड़प ली है। स्क्रैप व्यापारी का आरोप है कि अब दो जून को लेखपाल ने उनसे कहा कि भू माफिया लिस्ट में उनका नाम है यदि नाम निकलवाना है तो बीस लाख रुपये लगेंगे। व्यापारी का दावा है कि सीलिंग की जमीन के चक्कर में फंसा होने की वजह से उन्हाेंने लेखपाल को रकम दे दी। लेकिन 15 जून को लेखपाल ने फिर से पैसों की डिमांड यह कहकर शुरू कर दी कि पुराने तहसीलदार का तबादला हो गया है लिहाजा अब नए सिरे से रिपोर्ट बनेगी। भू माफिया लिस्ट का खौफ दिखाकर तहसील स्टाफ द्वारा वसूली की शिकायतें पिछले दिनों भी गूंजी थीं तब जिलाधिकारी राकेश कुमार सिंह ने इसमें सख्त रुख अपनाते हुए कहा था कि ऐसी शिकायतें हरगिज बर्दाश्त नहीं की जाएंगी लोग सीधे उनसे शिकायत कर सकते हैं। प्रकरण में लेखपाल देवेंद्र चौहान का पक्ष जानना चाहा लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका।