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श्रद्धा ने खरीदवाया तमंचा.. भानु-यामीन ने मारी थी गोलियां

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मुरादाबाद। वेदपाल की हत्या के लिए असलहा खरीदने को श्रद्धा ने दस हजार रुपये भानु प्रताप को बैंक अकाउंट में भेजे थे। इसी रकम से यामीन और भानू प्रताप ने तमंचे, कारतूस खरीदे और वेदपाल को हत्या का दी।
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एसओ पाकबड़ा नीरज शर्मा के मुताबिक भानु प्रताप ने बताया कि वेदपाल को पहली गोली यामीन ने मारी थी। दूसरी भानु ने। उसने दावा किया कि श्रद्धा पहले वेदपाल से मोहब्बत करती थी। वह एक बार वेदपाल के घर जा पहुंची और शादी करने का दबाव बनाया लेकिन दोनों की बिरादरी अलग अलग होने से वेदपाल के परिवार वाले नहीं माने। परिवार के कहने पर वेदपाल ने दूसरी युवती शादी कर ली। इस पर श्रद्धा ने भी वेदपाल से बातचीत बंद कर दी। बावजूद इसके वेदपाल उस पर दबाव बनाने लगा और मिलने के लिए बुलाता। वह इंकार करती तो फोटो और वीडियो वायरल करने की धमकी दी। जिस वजह से वेदपाल के प्रति श्रद्धा की नफरत बढ़ गई। श्रद्घा ने वेदपाल से छुटकारा पाने के लिए भानु को अपने प्रेम जाल में फंसाया और कहा की वह उससे शादी जब करेगी जब वह वेदपाल सिंह उसके फोटो और वीडियो वापस लाकर देगा और उसको रास्ते हटा देगा। एसओ पाकबड़ा नीरज शर्मा के मुताबिक प्रारंभिक जांच में ऐसा प्रतीत हो रहा है कि श्रद्धा ने भानु के साथ प्यार का दिखावा कर उसे मोहरा बनाया और वेदपाल की हत्या करवा दी।

टीवी सीरियल देखकर रची थी साजिश
एक टीवी सीरियल देखकर इस वारदात की साजिश रची गई । प्लानिंग के तहत श्रद्धा गुड़गांव से मुरादाबाद में नहीं आई ताकि उसकी मोबाइल लोकेशन वारदात के स्थान पर न आए। जिस सिम कार्ड से वह वेदपाल से बात करती थी, वह सिमकार्ड भी उसके नाम पर नहीं था। इतना ही नहीं वारदात के बाद सभी आरोपियों ने अमरोहा जाकर शराब पी और तय किया कि अब मोबाइल पर कोई बात नहीं होगी। ट्रेस न होने पर एसओ पाकबड़ा नीरज शर्मा एवं एसएसआई पाकबड़ा जितेंद्र बालियान की अलग अलग टीम ने आरोपियों की घेराबंदी के लिए मुखबिर तंत्र की मदद ली। जैसे ही चारों मंगलवार को पाकबड़ा हाईवे पर इकट्ठा हुए तो तत्काल पुलिस ने यहां से उन्हें धर दबोचा।
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बिजनौर जेल में हुई थी यामीन-भानु की मुलाकात
दरअसल भानु 2009 में दहेज के लिए अपनी भाभी की हत्या करने के आरोप में जेल गया था। उसी वक्त जेल में यामीन भी बंद था। यहीं उनके बीच गहरी दोस्ती हुई जो कि जेल से छूटने के बाद भी जारी रही। यही वजह रही कि भानु के कहने पर यामीन भी इस वारदात में शामिल हो गया।
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