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सामूहिक दुष्कर्म पीड़िता की मौत के बाद भी मुकदमा नहीं

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मुरादाबाद। मूंढापांडे में इलाज के लिए आई युवती से दुष्कर्म की कोशिश का विरोध करने पर उसकी मां से अपंजीकृत चिकित्सक, एक तांत्रिक सहित तीन ने सामूहिक दुष्कर्म किया। नशे का इंजेक्शन लगाकर महिला की हत्या कर दी, लेकिन इस मामले में पुलिस ने लचर रवैया अपनाया हुआ है। अब तक न तो हत्या की रिपोर्ट दर्ज की है न ही सामूहिक दुष्कर्म की धारा बढाई गई है। परिवार इंसाफ की गुहार लगा रहा है।
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रामपुर के शहजादनगर में रहने वाली महिला अपनी शादीशुदा बेटी के इलाज के लिए मूूंढापांडे के बूझपुर मान गांव में नौ मई को आई थी। महिला के पति ने बताया कि उसकी बेटी को ग्लूकोस की बोतल लगी थी। जब बेटी के पास महिला गई तो उसने बताया कि तांत्रिक और डॉक्टर ने उसके साथ दुष्कर्म की कोशिश की। आरोप है कि उसी वक्त तांत्रिक ने अपंजीकृृत चिकित्सक, अपने लड़के और दो अन्य युवकों को बुला लिया। महिला को धमकी दी कि अगर शोर मचाया तो तेरी बेटी को जान से मार देंगे और जंगल में फेंक आएंगे। इसके बाद तीन लोगों ने महिला के हाथ पैर पकड़ लिए। अपंजीकृत चिकित्सक ने महिला को नशे का इंजेक्शन लगा दिया। तीनों लोग महिला को दूसरे कमरे में ले गए, जहां पर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। इस दौरान महिला की बेटी को धमकी दी कि अगर इस संबंध में किसी को जानकारी दी तो तांत्रिक विद्या कर देगा, जिससे की महिला की बेटी कभी मां नही बन सकेगी। तांत्रिक की धमकी की वजह से महिला की बेटी डर गई थी। इसलिए वह उस दिन सही बयान नहीं दे सकी थी। एसपी सिटी अंकित मित्तल ने बताया कि इस मामले में पहले जो तहरीर दी गई थी, उसमें महिला से सामूहिक दुष्कर्म की जानकारी नहीं थी। सिर्फ महिला की बेटी से अपंजीकृत चिकित्सक द्वारा दुष्कर्म की कोशिश किए जाने का आरोप था। आरोपी को जेल भेज दिया गया है। इस मामले में एसएचओ मूंढापांडे को निर्देश दिए गए हैं कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर पहले से दर्ज मुकदमे में हत्या की धारा बढाई जाए। सामूहिक दुष्कर्म के आरोप सही पाए जाएं तो उसकी भी धारा बढ़ाई जाए और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। एसपी ने बताया कि इस मामले में लापरवाही नहीं बरती जाएगी।
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