मुरादाबाद। पिछले 10 दिन से जिला महिला अस्पताल में भर्ती सामूहिक दुष्कर्म की शिकार बच्ची का बुधवार को डाक्टरों ने इलाज करने से इंकार कर दिया। तीमारदार शिकायत लेकर सीएमओ के पास पहुंचे लेकिन वह उनसे मिलने को तैयार नहीं हुईं। इस पर भड़के परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया। आक्रोशित लोगों ने अस्पताल के बाद सीएमओ दफ्तर और फिर कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर नारेबाजी की। कलक्ट्रेट से जुलूस की शक्ल में वापस जिला अस्पताल पहुंचे लोगों ने सीएमओ का घेराव भी किया। बवाल बढ़ने पर सीएमओ कार्यालय से बाहर आईं और पीड़ित परिवार को लेकर महिला अस्पताल पहुंचीं। डाक्टरों को इलाज में कोताही नहीं बरतने के निर्देश दिए।
14 मई को मझोला के गांव में आठ साल की एक बच्ची के साथ दो लोगों ने दुष्कर्म किया था। पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। तभी से बच्ची का महिला अस्पताल में इलाज चल रहा है। परिजन शुरू से ही इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते रहे हैं। बाल कल्याण समिति से भी परिजनों ने इसकी शिकायत की थी। बुधवार को अस्पताल के डाक्टर और स्टाफ ने परिजनों से कहा कि वह बच्ची को कहीं दूसरे अस्पताल में ले जाएं। अब इस बच्ची का यहां इलाज नहीं होगा। परिजनों ने विरोध किया तो बच्ची को अस्पताल से बाहर फेंकने की धमकी दी। इसकी जानकारी मिलने पर बच्ची के गांव से महिलाएं और ग्रामीण आ गए। इसके बाद सभी लोग सीएमओ दफ्तर पहुंचे। लेकिन सीएमओ पीड़ित परिवार से मिलने को तैयार नहीं हुईं। इसके बाद लोगाें ने हंगामा शुरू कर दिया और सीएमओ का बाहर बुलाने की मांग की। लेकिन सीएमओ ने बाहर आने से इनकार कर दिया। भड़की भीड़ ने कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर नारेबाजी की और वापस आकर सीएमओ का घेराव किया। हंगामा बढ़ने पर सीएमओ विनीता अग्निहोत्री अपने केबिन से बाहर आईं। उन्होंने लोगों को आश्वासन दिया कि बच्ची के इलाज में कोई लापरवाही नहीं बरती जाएगी। इसके बाद वह परिजनों के साथ अस्पताल पहुंची और यहां डाक्टर व स्टाफ से बात की। उन्हें कहा गया कि जब तक परिजन चाहे तब तक बच्ची का इलाज किया जाएगा।
‘इलाज न कर सकते तो हमें जहर दे दो’
मुरादाबाद। सीएमओ दफ्तर में डाक्टरों की शिकायत मिलने पहुंचे लोग हंगामा कर रहे थे। इसी बीच बच्ची की दादी फूट फूट कर रोने लगी। बोले, हम गरीब हैं। अगर पैसे वाले होते तो पहले ही निजी अस्पताल में ले जाते। अगर आप लोग हमारी बच्ची का इलाज नहीं कर सकते थे हमें जहर दे दो। हम अपनी बच्ची को तड़पता नहीं देख सकते।
महिला अस्पताल में भर्ती बच्ची के परिजनों का कहना है कि उनकी बच्ची को जबरन अस्पताल निकाला जा रहा है। मैं खुद उनके साथ अस्पताल गई और डाक्टरों से कहा कि बच्ची को बेहतर इलाज दिया जाए। किसी तरह की लापरवाही न बरती जाए। जब तक परिजन चाहें तब तक बच्ची को अस्पताल में रखें। मैंने इसके लिए लिखित में भी आदेश दिए हैं।
विनीता अग्निहोत्री, सीएमओ