पाकबडा(मुरादाबाद)। आरटीआई कार्यकर्ता कासिम सैफी के परिवार ने लखनऊ में डीजीपी से मिलकर इंसाफ की गुहार लगाई है। परिजनों ने हत्याकांड की विवेचना बिजनौर स्थानांतरित करने का विरोध करते हूए मुख्य आरोपी पूर्व प्रधान व सपा नेता हारून सैफी को गिरफ्तार करने की मांग की है। पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया है कि पीड़ितों के विरोध जताने के बावजूद बरेली जोन के पूर्व एडीजी प्रेम प्रकाश विवेचना को आरोपी की बेटी के कहने से ट्रांसफर कर गए।
डीजीपी से मिले परिजनों ने शिकायत की है कि कासिम की हत्या के मास्टरमाइंड हारून सैफी की बेटी ने 21 फरवरी को एडीजी प्रेम प्रकाश से मिलकर विवेचना को मुरादाबाद से बिजनौर ट्रांसफर कर लिया। जबकि विवेचना सिर्फ वादी या पीड़ित पक्ष के कहने पर ही बदली जा सकती है। परिजनों ने डीजीपी को बताया कि विवेचना बदले जाने का पता चलने पर 5 मार्च को वह नए एडीजी अविनाश चंद्र से मिले थे। उन्होंने पाकबडा़ पुलिस से ही विवेचना कराए जाने का अनुरोध किया था। एडीजी ने आश्वासन भी दिया था कि पूर्व एडीजी के आदेश को स्टे कर वह विवेचना को पाकबड़ा से ही जारी रखेंगे। लेकिन इसके बावजूद 19 मार्च को विवेचना को बिजनौर भेज दिया गया। पीड़ित परिवार का कहना है कि उन्हें बिजनौर से इंसाफ मिलने की उम्मीद नहीं है। क्योंकि विवेचना बदले जाने का मतलब है कि पूर्व प्रधान को बचाने की कोशिशें हो रही हैं। कासिम सैफी के भाई शाकिर हुसैन ने बताया की डीजीपी ने उन लोगों को कार्यवाही का भरोसा दिलाया है। विवेचना को मुरादाबाद में ही वापस करने का आश्वासन भी दिया है।