चंदौसी। शहर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला पंचशील में शिक्षकों के दो बंद घरों में चोरो ने पांच हजार की नकदी समेत साढ़े दस लाख के जेवर व सामान चोरी कर लिया। इससे पुलिस की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिह्न लग रहा है। चोरी की तहरीर कोतवाली में दी गई है।
जनपद बदायूं के थाना इस्लामनगर के गांव अल्हैपुर समस निवासी सत्यपाल सिंह कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला पंचशील में दरोगा सोहनलाल के मकान में किराये पर रहते हैं। सत्यपाल सिंह ग्राम तरकपुर परौली के प्राथमिक विद्यालय में प्रधानाध्यापक है, जबकि इनकी पत्नी मिथलेश इसी स्कूल में अनुदेशक है। सास की मौत होने से सत्यपाल सिंह परिवार समेत छह नवंबर को अपनी ससुराल चले गए। घर में ताला लगा था। शनिवार को जब वह लौटे तो मुख्य गेट का ताला खोलकर जब वह अंदर पहुंचे तो सभी कमरो के ताले टूूटे पड़े थे और सारा सामान बिखरा था। चोर संभवत: दीवार कूदकर घर में घुस होंगे। चोरों ने उनके घर से तीन सोने की चेन, एक सोने का हार, एक जोड़ी सोने के कुंडल, एक जोड़ी सोने के झाले, चार सोने की चूड़ी, दो सोने की अंगूठी, एक जोड़े सोने की झुमकी, एक सोने का सिक्का, चार जोड़ी चांदी की पाजेब, चांदी के सात सिक्के व 2500 की नकदी चोरी ले गए। सत्यपाल की पत्नी मिथलेश ने बताया कि हाल ही में उनकी ननद की शादी है। उसकी शादी के लिए जेवर बनवाकर रखा था। इसी मकान में जनपद बिजनौर निवासी कैलाश चंद्र रहते हैं। वह नरौली के सरदार सिंह इंटर कालेज में अध्यापक हैं। वह पत्नी के इलाज कराने के लिए 31 अक्तूबर को उदयपुर गए हैं। चोरों ने इनके घर के भी ताले तोड़ लिए है। चोर इनके घर से 2500 की नकदी, चार सोने की अंगूठी, एक सोने का मंगलसूत्र, एक सोने का हार, एक जोड़ी सोने की कानों के रिंग समेत करीब ढाई लाख की चोरी कर ले गए। चोरी की तहरीर कोतवाली में दी गई है। कोतवाली प्रभारी रविंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि चोरियों की तहरीर मिल गई हैं, रिपोर्ट दर्ज की जा रही है।
पुलिस अभी तक चोरी गया पिस्टल बरामद नहीं कर सकी
चंदौसी। पावर हाउस कालोनी नई बस्ती में करीब दो माह पूर्व ठेकेदार विजयपाल के सूने घर में चोरी हुई थी जिसमें करीब 15 लाख की नकदी व सामान समेत पिस्टल चोरी हुई थी। पुलिस आज तक इस चोरी का खुलासा नहीं कर सकी है। पुलिस की सुस्त रवैये के कारण चोर चोरी की वारदात को लगातार अंजाम दे रहे है।
कोहरा बढ़ते ही बढ़ जाती हैं चोरियां
चंदौसी। सर्दी व कोहरा शुरू होते ही शहर में चोरियां बढ़ जाती हैं। लोग घरों में दुबक कर सो जाते हैं। पुलिस भी ठंड के कारण होटल व ढाबों पर बैठक ड्यूटी को अंजाम देती है। जबकि चोर इसी का लाभ उठाकर बाजारों की दुकानों को निशाना बनाते है। लभगभ प्रतिदिन शहर में कहीं न कहीं दुकान का शटर तोड़कर चोरी हो रही है। प्रतिवर्ष घटना होने के बाद भी पुलिस सजग नहीं होती है। जिसका खासा लाभ चोरों व अराजक तत्वों को मिलता है।