गुरुग्राम की एक कंपनी के सीएसआर (कंपनी सोशल लायबिलिटीज ) के 90 करोड़ रुपये मिलने की डील फेल हुई तो गजरौला के एनजीओ से जुड़े तीन लोगों ने कंपनी के कानूनी सलाहकार को अगवा कर लिया। एनजीओ को यह रकम कमीशन पर मिलनी थी। 90 करोड़ रुपये के चेक के बदले करीब 45 करोड़ रुपये एनजीओ को कंपनी को लौटाने थे। डील के लिए रजबपुर पहुंची कंपनी की टीम में शामिल कानूनी सलाहकार ने एनजीओ के पेपर अधूरे बताकर डील में आपत्ति लगा दी। इससे खफा एनजीओ के कर्ताधर्ताआें ने शिमला निवासी कानूनी सलाहकार जोबन जोशी को अगवा कर पाकबड़ा में बंधक बना लिया। पुलिस ने मामले में तीन लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
नियम के तहत किसी भी कंपनी को अपने शुद्ध मुनाफे का दो प्रतिशत हिस्सा सामाजिक जिम्मेदारी (सीएसआर) के तहत धर्मार्थ समाज सेवा पर खर्च करना होता है। पुलिस के मुताबिक गुरुग्राम की कैपिटल फस्ट कंपनी ने कंपनी के सीएसआर के 90 करोड़ रुपये धर्मार्थ खर्च करने के लिए गजरौला के एनजीओ समता विकास समिति से संपर्क किया था। पुलिस के मुताबिक कंपनी और एनजीओ के बीच करीब 50 प्रतिशत कमीशन पर 90 करोड़ रुपये एनजीओ को देने की डील हुई थी। रकम बड़ी थी लिहाजा कंपनी ने अपनी टीम को एनजीओ का सत्यापन करने के लिए 22 नवंबर को अमरोहा भेजा था। रजबपुर में दोनों के बीच मीटिंग हुई। सहायक पुलिस अधीक्षक अपर्णा गुप्ता ने बताया कि कानूनी सलाहकार ने आपत्ति लगाई तो एनजीओ संचालकों ने उन्हें अगवा कर पाकबड़ा में बंधक बना लिया था। एएसपी ने बताया कि 22 नवंबर से पाकबड़ा में बंधक बनाकर रखे गए जोबन जोशी हिमाचल प्रदेश में शिमला स्थित सजोली के रहने वाले हैं।
बंधक बनाने के दौरान आरोपियों ने अधिवक्ता की पत्नी को फोन कर अपने खाते में 50 हजार रुपये भी डलवा लिए थे। जोबन के घर नहीं लौटने पर उनकी पत्नी ने शिमला पुलिस को मामले की जानकारी दी थी। पुलिस ने छानबीन की तो जोबन के मोबाइल की लास्ट लोकेशन पाकबड़ा में आई। शिमला पुलिस का संदेश मिलने के बाद पाकबड़ा पुलिस भी उनकी तलाश में जुट गई। पुलिस की सक्रियता बढ़ी तो फंसने के डर से आरोपियों ने 24 नवंबर की रात को जोबन को छोड़ दिया। आरोपियों के चंगुल से छूटने के बाद जोबन बिना किसी कार्रवाई के अपने घर लौट गए। हिमाचल पुलिस के कहने पर वह 25 नवंबर को वापस पाकबड़ा आए और आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। पाकबड़ा पुलिस जोबन को साथ लेकर उस स्थान पर पहुंची जहां उन्हें बंधक बनाकर रखा गया था। देर रात पुलिस ने मौके से बीटीसी छात्र अनुज निवासी डिडौली को गिरफ्तार कर लिया। बीटेक कर चुका अनुज इन दिनों बीटीसी कर रहा है और यहां किराए पर कमरा लेकर रहता है। उसके दो साथी आरिफ और राजेश निवासी अमरोहा भाग निकले। गिरफ्तार आरोपी को पुलिस ने कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। एएसपी ने बताया कि फरार आरोपियों की तलाश में पुलिस छापामारी कर रही है।