प्रधानमंत्री आवास योजना के नाम पर उगाही की प्रारंभिक जांच में पुष्टि होने के बाद दो रिपोर्ट दर्ज कराई र्गइं हैं। इससे पहले जांच एजेंसी के एक जेई को उगाही के मामले में जेल भेजा जा चुका है।
प्रधानमंत्री आवास योजना में निशुल्क मकान उपलब्ध कराने के आदेश हैं। इसके बावजूद धड़ल्ले से उगाही की जा रही है। कुछ दलालों ने आवेदकों ने पीएम आवास दिलाने केनाम पर 10-10 हजार रुपये वसूल लिए। मिलक मऊ निवासी बानो बेगल, मुन्नी बेगम, बिलकिस, समीना, मोहम्मद नवी, किरन देई, संगीता, फूल सिंह और मेंहदी हसन ने डीएम को शपथ पत्र देकर अवैध वसूली के आरोप लगाए थे। एक युवक ने खुद को डूडा में कार्यरत बताकर 10-10 हजार रुपये वसूल लिए हैं। डीएम ने इसकी प्रारंभिक जांच डूडा के अधिकारियों से कराई तो उगाही करने वाला युवक काजीपुरा निवासी पवन कुमार निकला। डीएम के आदेश पर डूडा के पीओ ने पवन कुमार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी है।
वहीं दूसरा मामला भी काजीपुरा का है। यहां की शबनम और इशरत जहां को पीएम आवास दिलाने के नाम पर एक युवक ने डूडा अधिकारी बनकर 10-10 हजार रुपये वसूल लिए। वहीं लाल बाग निवासी गीता देवी का पीएम आवास स्वीकृत हो गया था। उससे मकान बनवाने केनाम पर पहली किस्त के 50 हजार रुपये वसूल लिए। जब वह अन्य लोगों से उगाही करने पहुंचा तो शक होने पर उसको दबोच लिया। गीता देवी का आरोप है कि वह मारपीट कर भाग गया। इस मामले में डूडा अधिकारी बनकर वसूली करने वाले मोहम्मद शोहराब और इंद्रा चौक स्थित थ्री डी कंस्ट्रक्शन कंपनी के विरुद्ध डीएम के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
...