मेले में दुकानदारों से अवैध वसूली करते पकड़ा
एसडीएम गुन्नौर ने दुकानदारों को वापस दिलाए वसूले गए रुपये
अमर उजाला ब्यूरो
बबराला।
राजनीतिक संरक्षण के चलते राजघाट गंगा मेले में बिना किसी टेंडर के दुकानदारों से हर माह होने वाली लाखों रुपये की अवैध वसूली पर सत्ता परिवर्तन के बाद प्रशासन का चाबुक चल गया। एसडीएम की सख्ती के बाद वसूली करने वाले लोग रुपये वापस कर भागते नजर आए। तो कुछ को पुलिस ने पकड़ लिया। जिन्हें भविष्य में ऐसा न करने की चेतावनी दी गई।
राजघाट गंगा तट स्नान के लिए सुप्रसिद्ध है। यहां प्रत्येक रविवार, प्रत्येक पूर्णिमा, अमावस्या व खास पर्वों पर लाखों की संख्या में श्रद्धालु आते है। हजारों की संख्या में दुकानदार यहां से अपने परिवार का पालन पोषण करते है। चूंकि यह स्थान सरकारी जमीन के दायरे में है। बावजूद इसके पूर्व की सरकारों में राजनीतिक संरक्षण प्राप्त किये तथाकथित ठेकेदार अवैध रूप से वसूली कर लाखों रुपये के राजस्व को चूना लगाते है। रविवार को जिसकी भनक एसडीएम गुन्नौर प्रतिपल सिंह चौहान को लगी तो वह गंगा तट पहुंचे और दुकानदारों से वार्ता कर अवैध वसूली की पुष्टि की। इसके बाद उन्होंने तत्काल प्रभारी निरीक्षक को इस पर कार्रवाई का निर्देश दिया। जिसकी सूचना मिलते ही गुंडा टैक्स वसूली वालों में हड़कंप मच गया। कुछ एसडीएम व सीओ के सामने आए और ग्राम पंचायत से ठेका होने की बात कही तो कुछ रुपये वापस कर भागते निकले। मौजूद लोगों को वसूले गए रुपये वापस करने के निर्देश दिए। और भविष्य में बिना टेंडर के बसूली पर कार्रवाई की चेतावनी दी।
कोट-
राजघाट गंगा तट पर दुकानदारों से अवैध वसूली की सूचना मिली थी। वहां पहुंचकर सभी ठेकेदारों को बुलवाया ओर दुकानदारों को रुपये वापस दिलाए। ग्राम पंचायत से टेंडर की बात कह रहे थे जोकि बिना प्रशासन के अधिकृत नहीं है। राजस्व का नुकसान हो रहा है। बिना की लीगल टेंडर के कोई बसूली नहीं होने दी जाएगी।
- प्रतिपाल सिंह चौहान, एसडीएम गुन्नौर।
हम ग्राम पंचायत अध्यक्ष के अंतर्गत ठेका कर दुकानदारों से वसूली कर रहे थे। एसडीएम महोदय ने इनकार किया तो सभी दुकानदारों के रुपए वापस कर दिए है।
- राजेंद्र सिंह, ठेकेदार।