मुरादाबाद। लोकसभा चुनाव में माहौल बिगाड़ने के लिए बडे़ पैमाने पर तमंचे, रायफल बनाने का काम चौहानों वाली मिलक में एक खंडहर के अंदर अवैध शस्त्र फैक्ट्री खोलकर किया जा रहा था। सोमवार को एक सूचना पर पहुंची मझोला पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर अवैध शस्त्र फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। मौके से चार तमंचे, एक रायफल, एक बंदूक, कारतूस और शस्त्र बनाने के उपकरण बरामद किए गए हैं।
एसपी सिटी अंकित मित्तल ने बताया कि पकडे़ गए आरोपी फिरासत निवासी डिडौली जिला अमरोहा और जयप्रकाश उर्फ जेपी निवासी लाकड़ी फाजलपुर थाना मझोला है। आरोपियों के बारे में सूचना मिलने पर सोमवार दोपहर को एसएचओ मझोला विकास सक्सेना ने पुलिस टीम के साथ चौहानों वाली मिलक स्थित एक खंडहर में दबिश दी तो वहां पर बडे़ पैमाने पर अवैध असलहा बनाते हुए दोनों आरोपी मिले। दोनों को मौके से ही गिरफ्तार कर लिया गया है। एसएचओ को पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वह दोनों लोकसभा चुनाव के मद्देनजर असलहे बना रहे थे, जिससे की उसे महंगे दामों पर बेचा जा सके। अब पुलिस आरोपियों से ये पता लगाने का प्रयास कर रही है कि उनका संपर्क किसी राजनीतिक पार्टी के लोकसभा प्रत्याशी या उनके गुर्गे से तो नहीं है, जिसके कहने पर तमंचे बनाने का काम किया जा रहा था। आरोपियों का आपराधिक इतिहास भी खंगाला जा रहा है। अमरोहा पुलिस से भी मदद ली जा रही है, जिससे की पता चल सके कि फिरासत के खिलाफ अमरोहा में आपराधिक मामले तो दर्ज नहीं है। एसएचओ ने बताया कि पकडे़ गए आरोपियों में फिरासत ही तमंचे बनाने का काम करता था, जबकि जयप्रकाश ने उसको तमंचा बनाने के लिए जगह मुहैया करवाई थी। वह तमंचे बनाने में फिरासत की मदद करता था, इसके अलावा तमंचा खरीदने वाले ग्राहकों की तलाश करता था।
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मंडल भर में सप्लाई किए जाने थे असलहे
मुरादाबाद। शस्त्र फैक्ट्री पकडे़ जाने के बाद पुलिस को पता चला है कि दोनों आरोपियों के तार न केवल मुरादाबाद, अमरोहा बल्कि मंडल के दो अन्य जिले रामपुर और संभल से भी जुडे़ हैं। वह इन असलहों की सप्लाई इन चारों जिलों में करने वाले थे। पूर्व में भी आरोपियों ने तमंचे बेचे हैं, वो लोग कौन हैं, जिन्होंने आरोपियों से तमंचे खरीदे हैं इसका खुलासा अभी पुलिस ने नहीं किया है।