दोनों बुजुर्ग बहनों की हत्या के मामले में घटनास्थल के पास तीन मोबाइल टावर हैं। इन मोबाइल टावर की मदद से ही संदिग्धों की लोकेशन का पता पुलिस को सीडीआर की जांच से चलेगा।
इसके अलावा मकान से तीन सौ मीटर की दूरी पर ही एक कार्यक्रम चल रहा था, जिसमें दोनों बहनों के परिवार के लोग मौजूद थे। अब तक की तफ्तीश में पुलिस इस केस की जांच घटनास्थल से लेकर कार्यक्रम स्थल तक ही सीमित है। इसके अलावा दो अन्य संदिग्ध भी रडार पर लिए गए थे लेकिन इनमें से एक की लोकेशन वारदात के वक्त अपने घर के आसपास ही थी। इसलिए फिलहाल पुलिस ने उसे जांच से बाहर कर दिया। वारदात में पुलिस किसी करीबी की भूमिका मान रही है। पुलिस का मानना है कि या तो करीबी ने संपत्ति विवाद में वारदात को अंजाम दिया है या फिर रुपयों के लालच में वारदात की साजिश रचने या रेकी करने में शामिल रहा है। इन्हीं बिंदुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है। कई संदिग्धों को पूछताछ के लिए पुलिस ने थाने भी बुलाया था। इनमें दोनों बहनों के करीबी भी शामिल हैं। जिनसे लंबे समय तक पूछताछ की गई है।
एक संदिग्ध पर पुलिस ने कसा शिकंजा
मुरादाबाद। शुक्रवार की रात पार्टी में शामिल रहे एक संदिग्ध के मोबाइल की लोकेशन पार्टी के दौरान घटनास्थल के पास ही मिली है। पुलिस ने उस पर शिकंजा कसा है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि करीब 20 संदिग्धों के मोबाइल की सीडीआर खंगाली गई है, जिसमें से एक की भूमिका पर शक गहराया है।
एसएसपी कार्यालय के पास नजर आया संदिग्ध
मुरादाबाद। सोमवार को एक संदिग्ध को एसएसपी कार्यालय के पास भी कुछ लोगों ने देखे जाने की बात पुलिस को बताई है। वह एसएसपी कार्यालय क्यों आया था, यह स्पष्ट नहीं हो सका है। वारदात के बाद शनिवार को समाधान दिवस और रविवार को छुट्टी होने के कारण अधिकारी एसएसपी कार्यालय नहीं पहुंचे थे। एसएसपी शहर से बाहर हैं, इस वजह से वह सोमवार को भी कार्यालय नहीं आए। एसपी देहात ने पुलिस कार्यालय के पास आने वाले लोगाें की शिकायतें सुनी हैं। इस संबंध में उन्होंने बताया कि दोहरे हत्याकांड की वारदात के संबंध में उनको किसी ने न तो कोई प्रार्थना पत्र दिया न ही उनसे कोई इस घटना के संबंध में मिला है।