सिविल लाइंस क्षेत्र में रहने वाली एक महिला ने गोरखपुर के डीपीआरओ हिमांशु शेखर ठाकुर के खिलाफ केस दर्ज कराया है। पीड़िता का आरोप है कि आरोपी अफसर उसके साथ लिव इन रिलेशनशिप में रहा और उसे धोखा देकर भाग गया। थाना सिविल लाइंस में उसके खिलाफ पुलिस ने धोखाधड़ी और एसटी एक्ट में रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
पीड़ित महिला सिविल लाइंस थानाक्षेत्र के एक मोहल्ले की रहने वाली है। महिला का आरोप है कि 2003 में वह दिल्ली में एक कंपनी में नौकरी करती थी। वहां उसकी मुलाकात झारखंड देवघर निवासी हिमांशु शेखर ठाकुर से हुई थी। दोनों की मुलाकात प्रेम संबंधों में बदली तो उन्होंने आर्य समाज मंदिर में शादी कर ली थी। जिससे 2009 में महिला को एक बेटा पैदा हुआ था। आरोप है कि 2010 में हिमांशु का चयन पीसीएस एलाइड सेवा में हो गया था। इसके बाद आरोपी अफसर ने महिला को छोड़ दिया और अचानक गायब हो गया था। कुछ दिन पहले महिला को बताया कि वह गोरखपुर में डीपीआरओ के पद पर तैनात है। महिला ने आरोपी अफसर से संपर्क किया तो उसने उसे धमकाया और बेटे को अपनाने से इंकार कर दिया। जिसकी महिला ने आरोपी के खिलाफ एसएसपी जे रविंदर गौड से शिकायत की थी। एसएसपी ने इस मामले की जांच महिला थाना प्रभारी से जांच कराई। जिसमें आरोप सही साबित हुए। जांच अधिकारी ने रिपोर्ट एसएसपी को सौंपी। उसी के बाद गुरुवार को इस मामले में एसएसपी के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। सीओ सिविल लाइंस राजेश कुमार ने बताया कि प्रथम दृष्टया जांच में आरोप सही पाए गए हैं। आरोपी हिमांशु शेखर ठाकुर के खिलाफ धोखाधड़ी, एससीएसटी एक्ट में केस दर्ज किया गया है।