पुलिस से बचने के लिए पशु तस्कर तस्करी के नए नए तरीके अजमा रहे हैं। मंगलवार को बागपत से दलपतपुर कटान के लिए जा रहीं गाय लदी पिकअप को पब्लिक ने पकड़ लिया। गुस्साए लोगों ने पिकअप पर पथराव भी कर दिया। जिससे आगे का शीशा भी टूट गया। सूचना मिलने पर पुलिस पहुंच गई और पिकअप से तीन लोगों हिरासत में लिया। गायों के साथ दो बछड़े भी थे। इसके अलावा गायों को इंजेक्शन लगाया गया। ताकी गाय दुधारू लगें। पुलिस ने की जांच की तो पता चला कि गाय कटाने के लिए भेजी जा रही थीं।
मंगलवार सुबह एक पिकअप वाहन बागपत से दलपतपुर जा रहा था। जिसमें तीन गाय और दो बछड़े लदे हुए थे। अगवानपुर चौराहे पर पुलिस ने पिकअप वाहन को चेकिंग के लिए रोका। गाड़ी के कागजात चेक किए। कागजातों में कमी पाए जाने पर तीन सौ रुपये लेकर चालान कर दिया। इसी दौरान वहां हिन्दू संगठन के लोग पहुंच गए। उन्होंने पिकअप वाहन का पीछा किया। जिसे अकबर किले के पास रोक लिया गया। वाहन में गाय लदी थीं। जिससे गुस्साए लोगों ने पिकअप पर पथराव कर दिया। जिसमें आगे का शीशा टूट गया। सूचना मिलने पर यूपी 100 की पीआरवी 0278 मौके पर पहुंच गई। पुलिस वाले वाहन को थाने ले गए। पिकअप को बागपत के दोघट निवासी गुलाब हसन चला रहा था। जबकि उसके साथ दोघट निवासी एहसान और शुएब साथ में बैठै थे। शुएब पुलिस को चकमा देकर भाग गया। जबकि पुलिस ने एहसान और गुलाब हसन को पकड़ लिया। पूछताछ में दोनों ने बताया कि ये गाय दलपतपुर में एक डाक्टर ने अपनी डेयरी के लिए खरीदी हैं। आरोपियों ने इसके फर्जी कागजात भी दिखाए। पुलिस ने डाक्टर से संपर्क किया तो उसने गाय मंगवाने से इनकार कर दिया। इसके बाद पुलिस ने आरोपियों से कड़ाई से पूछताछ की। जिन्होंने बाद में सच्चाई उगल दी। आरोपियों ने पुलिस को बताया कि उन्होंने गायों को इंजेक्शन लगा दिए थे। ताकी गाय दुधारू लगे। इसे अलावा उनके साथ दो बछड़े भी लगाए गए थे। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। बुधवार को इन्हें जेल भेजा जाएगा।