डायल 100 पर कॉल, फेसबुक पर स्टेटस अपडेट कर युवक ने दी जान
अमर उजाला ब्यूरो
मुरादाबाद। डायल 100 पर कॉल, फेसबुक पर सुसाइड करने का स्टेटस अपडेट करने के बाद एसएसपी को मैसेज कर युवक ने बताया कि वह परिवार वालों के कारण सुसाइड कर रहा है, मेरी मौत के बाद मेरे परिवार वाले इसके लिए जिम्मेदार होंगे। वह नशा करने से रोकते हैं। सूचना मिलने पर एसएसपी ने युवक को सुसाइड न करने के लिए मैसेज किया और पुलिस टीम को मौके पर भेजा। पुलिस के पहुंचने से पहले युवक की मौत हो चुकी थी। अंदेशा है कि अधिक मात्रा में नशीली दवाइयों का सेवन कर युवक ने खुदकुशी की है, हालांकि पुलिस जांच कर रही है।
मझोला की रामेश्वर कालोनी निवासी सुनील विश्नोई निजी कंपनी कर्मचारी हैं। परिवार में पत्नी अनुराधा विश्नोई, बेटा रजत विश्नोई है। रजत दिल्ली यूनिवर्सिटी से बीएससी की पढ़ाई कर रहा है। रजत का बड़ा भाई शुभम विश्नोई (22) एक दवा कंपनी में मार्केटिंग कर्मचारी था, फिलहाल एक साल से नौकरी छोड़कर घर पर रह रहा था। शुभम शुक्रवार दोपहर घर पर अकेला था। माता, पिता और भाई एकता कालोनी में निर्माणाधीन मकान पर गए थे। इस दौरान पौने चार बजे शुभम ने कंट्रोल रूम में कॉल किया और बताया कि वह रामेश्वर कालोनी से बोल रहा है। परिवार वालों से परेशान होकर वह सुसाइड कर रहा है। इसके बाद उसने एसएसपी को मैसेज कर उसने बताया कि वह परिवार वालों के कारण सुसाइड कर रहा है। परिवार वाले उसे नशा करने से रोकते हैं, एसएसपी ने मैसेज कर उसे बताया कि ‘सुसाइड तो कायर लोग करते हैं और तुम बहादुर हो, ऐसा मत करो।’ इसके बाद पुलिस को मौके पर जाकर जांच के लिए एसएसपी ने कहा। पुलिस मौके पर पहुंची तो शुभम की मौत हो चुकी थी, उसका शव चारपाई पर पड़ा था। घर पर परिजन विलाप कर रहे थे। पुलिस ने शुभम के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराने के लिए कहा तो परिजनों ने इंकार कर दिया। उन्होंने बताया कि वह बेटे के शव का पोस्टमार्टम नहीं कराना चाहते हैं। एसएचओ मझोला आरके नागर ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।
....
‘इस बार कोई बचाने वाला नहीं मिला’
रोते बिलखते परिजनों ने बताया कि शुभम दो बार सुसाइड की कोशिश कर चुका था, उस वक्त उसे परिवार वालों ने मौके पर अस्पताल पहुंचा दिया। इस वजह से उसकी जान बच सकी। शुक्रवार को शुभम ने जब सुसाइड की कोशिश की तो परिवार वाले एकता कालोनी में थे, वह चार बजे घर पहुंचे तो शुभम की मौत हो चुकी थी। परिजनों ने कहा कि वह दो बार शुभम को बचा चुके थे लेकिन इस बार उसे बचाने वाला कोई नहीं मिला।
फेसुबक पर भी अपडेट किया था स्टेटस
शुभम ने मौत से पहले फेसबुक पर भी स्टेटस अपडेट किया था, जिसमें उसने लिखा था कि ‘ अगर मैं सुसाइड करता हूं तो मेरे पूरे घरवाले जिम्मेदार होंगे। इस मैसेज को एक व्यक्ति ने लाइक किया है। फेसबुक पर स्टेटस अपडेट करने का समय करीब चार बजे का है।
15 दिन पहले हुई फुफेरे भाई की मौत से था दुखी
रामेश्वर कालोनी में शुभम की बुआ कुसुमलता पत्नी चंद्रपाल सिंह रहती हैं। जिस मकान में शुभम का परिवार रहता है वह भी कुसुमलता का ही मकान है। कुसुमलता के देवर विरेंद्र विश्नोई का बेटे अर्पित विश्नोई और शुभम के बीच गहरी दोस्ती थी। अर्पित 15 दिन पहले गढ़मुक्तेश्वर के पास एक रिश्तेदार के घर शादी समारोह में गया था, वहां पर गंगा नदी में नहाने े दौरान डूब जाने से अर्पित की मौत हो गई थी। अर्पित की मौत से शुभम दुखी था, उसने अपने व्हाट्सएप अकाउंट पर डिस्पले पिक्चर भी अर्पित की लगाई थी। व्हाट्सएप स्टेटस पर ‘मिस यू मेरे भाई’ लिखा था।
दवा कंपनी में नौकरी के दौरान लगी थी नशे की लत
शुभम के भाई रजत विश्नोई ने बताया कि दवा कंपनी में नौकरी करने के दौरान दो साल पहले शुभम को नशे की लत लग गई थी। उसने नशे की लत के कारण ही पढ़ाई छोड़ दी थी। परिवार वाले नशा करने से रोकते तो वह बुरा मान जाता था।
शुभम का न बचा पाने का अफसोस: एसएसपी
एसएसपी मनोज तिवारी ने बताया कि अंदेशा है कि शुभम को बचाने का प्रयास किया लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका। दुख की इस घड़ी में मृतक के परिवार के साथ मेरी संवेदनाएं हैं। परिवार वालों ने अंदेशा जताया है कि आरोपी ने ज्यादा मात्रा में नशीली दवाइयां खाने के बाद इंटरनेट से एसएसपी का मोबाइल नंबर लेकर उन्हें मैसेज किया।
लोकेशन ट्रेस करने में फेल हुई पुलिस
कंट्रोल रूम में कॉल करने के बाद शुभम ने फोन काट दिया, उसने पूरा पता पुलिस को नहीं बताया था। रामेश्वर कालोनी में शुभम का घर ट्रेस करने में पुलिस फेल साबित हो गई। पुलिस के पहुंचने से पहले परिवार वाले ही घर पहुंचे। अगर समय पर पुलिस की टीम मौके पर पहुंच जाती तो शायद शुभम की जान बचाई जा सकती थी। उधर, पुलिस को अंदेशा है कि शुभम ने नशे की ओवरडोज लेने के बाद कंट्रोल रूम में कॉल की थी, जिस वजह से पहले ही उसकी मौत हो गई।