स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मंगलवार को अपंजीकृत डाक्टरों की धरपकड़ के लिए छापामारी अभियान चलाया। छापे की भनक लगने पर डाक्टरों में खलबल मच गई। कई डाक्टर क्लीनिक बंद कर भाग गए। टीम ने दो क्लीनिक सील कर दिए। छापामारी के बाद चार अस्पताल संचालकों से अभिलेख तलब किए हैं।
मुरादाबाद जिले में अपंजीकृत डाक्टर लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ कर रहे हैं। अधिकांश के पास चिकित्सा की डिग्री नहीं है। इनके क्लीनिकों में हर मर्ज का इलाज का दावा किया जाता है। मरीजों की ओपीडी से लेकर भर्ती एवं आपरेशन तक किए जाते हैं। केस बिगड़ने पर डाक्टर हाथ खड़े कर मरीजों को हायर सेंटर रेफर कर देते हैं। स्वास्थ्य विभाग को अपंजीकृत डाक्टरों की लगातार शिकायत मिल रही थी। अपर चिकित्साधिकारी डा. डीके प्रेमी के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मंगलवार को छापामारी की।
अपर चिकित्साधिकारी डा. प्रेमी ने बताया कि पाकबड़ा में राज क्लीनिक और नया गांव आंबेडकर नगर में भारतीय क्लीनिक पंजीकृत नहीं थे। दोनों क्लीनिक सील कर दिए। डा. प्रेमी ने बताया कि डींगरपुर रोड में एमएच मेमोरियल के नाम से फर्जी क्लीनिक संचालित मिला। क्लीनिक संचालक डा. जहांगीर आलम को नोटिस जारी किया है। पाकबड़ा थाना क्षेत्र के लाइफ लाइन हास्पिटल, शब्बीर मेमोरियल हास्पिटल, पाकबड़ा रोड स्थित रिलीफ हास्पिटल संचालकों को नोटिस भेजकर अभिलेख तलब किए हैं। डा. जावेद ने बताया कि छापामारी की भनक लगने पर कई डाक्टर अपने क्लीनिक बंद कर भाग गए। ऐसे क्लीनिकों की निगरानी की जा रही है।