भारत पाकिस्तान सीमा पर तनाव बढ़ता देख मुरादाबाद पुलिस कश्मीर जाने से डर गई। देशद्रोह के आरोपी की गिरफ्तारी को पुलिस ने न कोई कोई ठोस कदम उठाया और न ही कश्मीर जाने के लिए अब तक उच्च अफसरों से अनुमति मांगी। इतना ही नहीं केस की विवेचना भी बीच में लटक गई है।
सिविल लाइंस थाने में कश्मीर के अनंतनाग निवासी रफी फारूख और पाकबड़ा के उमरी सब्जीपुर निवासी मुजस्सम गनी के खिलाफ देशद्रोह का केस दर्ज किया गया था। दोनों आरोपियों पर आरोप था कि उन्होंने अपने मोबाइल व्हाट्सएप स्टेटस पर पाकिस्तान जिंदाबाद लिखा था। जिसे लेकर शहर में जमकर बवाल हुआ था। पुलिस ने आरोपी मुजस्सम गनी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। जबकि कश्मीरी छात्र मौके से भाग गया था। यहां से आरोपी दिल्ली में दो छिप रहा। पुलिस ने उसके मोबाइल की कॉल डिटेल निकलवाई थी। जिसमें पता चला कि रफी फारूख ने नौ दिन में 736 कॉल की थी। जिसमें सबसे ज्यादा बातचीत उमर शेख सामने आई थी। कश्मीर जाना तो दूर। पुलिस दिल्लेी तक नहीं गई। जबकि रफी फारूख के मोबाइल में कई संदिग्ध नंबर मिले थे। सिविल लाइंस थाने के अपराध इंस्पेक्टर अवधेश कुमार का तबादला दूसरे जनपद में हो गया है। लेकिन इस केस की जांच अभी तक दूसरे इंस्पेक्टर को नहीं दी गई हैं। सीओ सिविल लाइंस राजेश कुमार ने बताया कि जल्द कश्मीर टीम भेजने के लिए उच्च अफसरों से अनुमति ली जाएगी।