मुगलपुरा के पंद्रह साल पुराने किशोर को अगवा कर दस लाख रुपये की फिरौती मांगने के मामले में एडीजे प्रथम राम अचल यादव की अदालत ने मुलजिम दो भाइयों को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है, जबकि बीस-बीस हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया है।
मुगलपुरा थानाक्षेत्र के गुइयां बाग निवासी शहजादे आलम ने दस नवंबर 2004 को थाने में अपने बेटे फैसल के गुम होने की सूचना दर्ज कराई थी। इसके बाद शहजादे आलम ने पुलिस को बताया कि उनके बेटे को अगवा कर लिया गया है। अगवा करने वाले आरोपी उनसे उस लाख रुपये की फिरौती मांग रहे हैं। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर उनकी निशानदेही पर फैसल को बरामद कर लिया था। पुलिस ने इस केस की तफ्तीश पूरी करने के बाद गलशहीद थानाक्षेत्र के पक्का बाग सीधी सराय निवासी जियाउर्रहमान और उसके भाई जमालउर्रहमान के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दाखिल की थी। इस केस की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश राम अचल यादव की अदालत में चली। सरकार की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता ब्रजराज सिंह ने पक्ष रखा और मुलजिमों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की दलीलें दीं। गवाह और अपहरण किए गए किशोर के भी अदालत में बयान दर्ज किए गए। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद मुलजिम जियाउर्रहान और जमालउर्रहमान को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। दोनों दोषियों पर बीस बीस हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।