सामूहिक दुष्कर्म के बाद गला रेत कर मौत के घाट उतारी गई नर्स के परिजन गुरुवार को डिलारी थाने पहुंच गए। उन्होंने पुलिस पर आरोपियों को बचाने का आरोप लगाकर हंगामा किया। आरोपियों पर कार्रवाई न होने तक शव का अंतिम संस्कार करने से इंकार कर दिया। हंगामे की सूचना पर एसओ दीपक कुमार पहुंचे तो परिजन उनसे भी भिड़ गए। एसओ को हटाने और सभी तीन आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग की। दिन भर हंगामा चलने के बाद पुलिस ने गुरुवार शाम झोलाछाप डाक्टर समेत तीन के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म, हत्या और शव छिपाने की धाराओं में केस दर्ज कर लिया। इसके बाद ही परिजन शव लेकर गए।
डिलारी थानाक्षेत्र की रहने वाली नर्स भगतपुर थाना क्षेत्र में झोलाछाप डाक्टर के क्लीनिक पर नौकरी करती थी। 11 जनवरी को वह क्लीनिक गई थी। इसके बाद से नर्स लापता हो गई थी। पुलिस ने झोलाछाप डाक्टर को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया था। उसने बताया कि उसने ही नर्स की हत्या की है। उसकी लाश ढेला नदी में फेंक दी है। पुलिस ने डाक्टर की निशानदेही पर बुधवार को शव बरामद किया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पता चला कि गला रेतकर उसकी हत्या की गई थी। पुलिस को उसने बताया कि उसने अकेले ही घटना की थी। परिजनों को जब पता चला कि पुलिस अन्य आरोपियों को बचा रही है कि उन्होंने शव को मोर्चरी से उठाने से इंकार कर दिया। गुरुवार सुबह वह डिलारी थाने पहुंच गए। उन्होंने यहां हंगामा किया और एसओ से भिड़ गई। एसओ दीपक कुमार पर अन्य आरोपियों को बचाने का आरोप लगाया। थाने में हंगामे की सूचना पर अन्य थानों की पुलिस भी बुला दी गई। सीओ ठाकुरद्वारा भी मौके पर पहुंच गए। तब परिजनों से बात की गई। परिजनों ने कहा कि इस घटना में तीन लोग शामिल रहे हैं। गुरुवार शाम पुलिस ने नर्स की मां की तहरीर पर झोलाछाप डाक्टर व उसके पार्टनर निवासी भगतपुर और व अन्य साथी निवासी ईलर थाना डिलारी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
नर्स की मां का आरोप
मुरादाबाद। नर्स की मां ने पुलिस को बताया कि तीनों आरोपी उसकी युवती पर गलत नजर रखते थे। नर्स यह बात अपनी मां व बहन से कई बार बताई थी। इन्होंने ही बहाने से नर्स को बुलाकर पहले उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। इसके बाद उसकी हत्या कर लाश भगतपुर थानाक्षेत्र में ढेला नदी में पाइप के अंदर छिपा दी थी।