एक दिसंबर को छजलैट में हुए आरती हत्याकांड का 35 दिन बाद पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। पुलिस लाइंस में शुक्रवार को एसपी देहात ने बताया कि आरती की हत्या उसके प्रेमी होने का दावा करने वाले मोनू ने शादी के लिए साथ भागने से इंकार करने पर गुस्से में आकर अपने मामा के साथ मिलकर की थी। साक्ष्य मिटाने के लिए मामा, भांजे ने आरती के शव को जमीन में दबा दिया था। उनकी निशानदेही पर वह फाइली भी बरामद की गई है, जिसका इस्तेमाल शव ठिकाने लगाने के लिए जमीन खोदने में किया गया था। दोनों आरोपियों को शुक्रवार को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उनको जेल भेज दिया गया है।
एसपी देहात उदय शंकर सिंह ने बताया कि पकडे़ गए आरोपी मोनू उर्फ गुडडे निवासी शिवालाकलां जिला बिजनौर और पंकेश निवासी विलायत नगर थाना छजलैट है। दोनों राजमिस्त्री का काम करते हैं। आरती भी विलायत नगर की रहने वाली थी। एसपी ने बताया कि पूछताछ के दौरान मोनू ने बताया कि आठ माह पहले वह चिनाई के लिए विलायत नगर आया था, तभी उसकी मुलाकात आरती (19) से हो गई। एक दिसंबर को आरती की शादी के लिए लड़का देखने उसके पिता बिजनौर गए थे। आरती ने इसकी जानकारी मोनू को फोन पर दी तो वह विलायत नगर पहुंचा। वह आरती से गन्ने के खेत में मिला, दोनों ने साथ भागने की योजना बनाई। इसके बाद आरती को गन्ने के खेत में ही छोड़कर मोनू बाइक और रुपयों का बंदोबस्त करने गया। 13 घंटे तक खेत में भूखे प्यासे आरती छिपी रही। रात 12 बजे तक बाइक और रुपयों का इंतजाम करने में नाकाम होने पर मोनू ने मामा पंकेश से मदद मांगी तो वह आरती से मिलने गन्ने के खेत में गए। पंकेश को देख आरती गुस्सा हो गई। उसने मोनू के साथ जाने से इंकार कर दिया और घर जाकर शिकायत करने की बात कही। यह देख मोनू ने गुस्से में आकर मामा के साथ मिलकर आरती की गला घोंटकर हत्या कर दी। दोनों ने फाइली से जमीन खोदकर आरती का शव जमीन में दबा दिया था। जिससे की इस वारदात का किसी को पता न चल सके।
हत्याकांड के खुलासे के लिए बनानी पड़ी इंटेलीजेंस विंग
मुरादाबाद। पुलिस की टीमें कई एंगल पर जांच कर रही थी, कई संदिग्धों से पूछताछ की गई। मोनू को भी एक बार पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया लेकिन साक्ष्य न होने पर उसे छोड़ दिया। आईजी बीके सिंह ने छजलैट थाने पहुंचकर इस सनसनीखेज हत्याकांड के बारे में जानकारी की थी और जल्द खुलासा करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद देहात क्षेत्र में इंटेलीजेंस विंग बनाई गई। इंटेलीजेंस विंग के सदस्यों ने दस दिन पहले विलायत नगर गांव में डेरा डाला। इस दौरान ही मुखबिर ने जानकारी दी कि आरती पड़ोस में रहने वाले पंकेश के घर कुट्टी काटने के लिए जाती थी, वहां वह मोबाइल पर बात करती थी। पुलिस ने पंकेश की पत्नी (मोनू की मामी) के मोबाइल नंबर की सीडीआर निकलवाई तो पता चला कि आरती के प्रेम संबंध मोनू से थे।
हत्या से पहले और बाद में आरती को तलाशने का किया नाटक
मुरादाबाद। आरती को दोपहर में ही गन्ने के खेत में उसके प्रेमी ने छिपा दिया था। उसे बताया कि पकडे़ न जाएं इसलिए रात को दोनों गांव से जाएंगे। रात आठ बजे तक आरती घर नहीं पहुंची तो परिवार वालों ने उसकी तलाश शुरू कर दी, उनके साथ पंकेश और मोनू भी आरती को तलाशने का नाटक करते रहे। परिवार वाले गन्ने के खेत तक पहुंचे लेकिन उनको खेत के अंदर जाने से मोनू ने यह कहकर रोक दिया कि उसने गन्ने का खेत चेक कर लिया है, वहां आरती नही है। सब वापस आ गए। इसके बाद रात को विवाद होने पर आरती की हत्या की गई। अगले दिन भी मामा, भांजे आरती को तलाशने का नाटक करते रहे।
यह था मामला
मुरादाबाद। एक दिसंबर को आरती घर से खेत पर भाई को खाना देने के लिए गई थी, वहां से वापस लौटते वक्त वह लापता हो गई थी। अगले दिन गन्ने के खेत के पास बर्तन पडे़ दिखे, गन्ने के खेत के पास जमीन के अंदर से उसका दुपट्टा बाहर निकला हुआ था। जिसके बाद जमीन खोदी गई तो शव मिला। इस मामले में अज्ञात के खिलाफ हत्या और साक्ष्य छिपाने के लिए शव जमीन में दबाने की की रिपोर्ट आरती के पिता ने दर्ज कराई थी।