वन विभाग की टीम ने मुठभेड़ के बाद दो वन माफिया को दबोच लिया, जबकि तीन टीम पर फायर करते हुए भाग निकले। आरोपी एक ट्रक में कत्थे की लकड़ी भरकर पीपली के वन क्षेत्रों से दिल्ली ले जा रहे थे। आरोपियों के खिलाफ रामपुर के मिलक खानम थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। लकड़ी की कीमत लगभग पांच लाख की बताई जा रही है।
वन संरक्षक आरपी वर्मा ने बताया कि रामपुर के कलकत्ता गांव में कई वन माफिया रहते हैं। इनके द्वारा पीपली के वन क्षेत्रों से प्रतिबंधित लकड़ी काटकर तस्करी करने की शिकायत लगातार मिल रही थीं। इसके चलते वन पुलिस और वन विभाग के उड़नदस्ते को छापामारी में लगाया गया था। टीम ने सूचना के आधार पर थाना मिलक खानक क्षेत्र के सैदपुर मुंडिया तिराहे पर शनिवार रात रामपुर रोड पर गाजियाबाद नंबर के ट्रक की घेराबंदी कर ली। आरोपी टीम को चकमा देने के लिए दूसरे जिलों के वाहनों का प्रयोग करते हैं। माफिया ने टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। सूचना पाकर पुलिस टीम भी मौके पर पहुंच गई। अंधेरे में तीन लोग फरार हो गए, जबकि दो को मौके पर दबोच लिया गया।
वन क्षेत्राधिकारी माजिद इब्राहीम ने बताया कि हापुड़ जिले के कमालपुर निवासी चांद और स्वार रामपुर के डागपुर टांडा निवासी सलीम को गिरफ्तार कर लिया गया है। फरार आरोपियों की पहचान सैदली निवासी मुनव्वर, गोविंदपुरी निवासी फहीम और पठानों का मजरा स्वार निवासी जाकिर के रूप में की गई है। ट्रक से कत्थे की प्रतिबंधित श्रेणी की 40 क्विंटल लकड़ी मिली है। इसकी खुले बाजार में कीमत करीब पांच लाख रुपये है। वन माफिया गिरोह के अन्य दलों की तलाश में छापामारी की जा रही है।