प्रथमा बैंक में कृषि ऋण माफी और राहत योजना के अंतर्गत हुए करोड़ों रुपये के घोटालों की जांच के आदेश हाईकोर्ट ने दे दिये हैं। वहीं इस घोटाले में कई तथ्य सामने आये हैं। हाई कोर्ट ने घोटालों की जांच के लिए जिन ब्रांचों के खातों की जांच के आदेश दिये हैं उनमें करीब 362 खातों में करोड़ों रुपये के घोटाले का अनुमान है।
सूत्रों के अनुसार मानकों का उल्लंघन करते हुए इन ब्रांचों में बड़े स्तर पर सरकार को चूना लगा कर बैंक अधिकारियों ने गैर पात्र किसानों के ऋण माफ किये और उनसे उगाही की। याचिकाकर्ता चंद्रकांत शर्मा ने बताया कि उनके पास मौजूद रिकॉर्ड के अनुसार कोर्ट ने जिन दस ब्रांचों के खातों की जांच के आदेश दिये हैं।
उन ब्रांचों में ढवारसी में 30, पीपली दाउद में 42 चकनवाला में 16, जैतोली-95, चुचेला कलां-27 रेहरा, मनौटा-2, अलीपुर चोपला-20 सक्टू नंगला-50 और नन्हेड़ा के 10 खातों में करोड़ों रुपये का घोटाला किया गया है।
जबकि प्रथमा बैंक के 168 ब्रांचों में इस स्कीम के तहत ऋण माफ किये गये थे। ऐसे में इस घोटाले में बीस करोड़ से अधिक का घोटाला हुआ है। पीपली दाउद के बर्खास्त कर्मचारी का दावा है कि उसने उच्च अधिकारियों को घोटाले के संबंध में 6 बार शिकायत की थी।