मंडलायुक्त आंजनेय कुमार सिंह ने वादों की सुनवाई के बाद कुछ मामलों को जांच करने के लिए डीएम मुरादाबाद को भेज दिया था। इन मामलों की जांच एडीएम प्रशासन ने की। जांच के दौरान प्रकाश में आया कि लाकड़ी फाजलपुर स्थित 27 डिसमिल जमीन कुछ लोगों ने कब्जा कर ली है। नदी कुंडा में 28 डिसमिल जमीन तत्कालीन अधिकारियों की शह पर कब्जा की गई है।
ठाकुरद्वारा में तालाब की भूमि पर कब्जा
ठाकुरद्वारा ब्लाॅक के राजपुर कला में 0.324 हेक्टेयर भूमि खसरे में तालाब दर्ज है। मौके पर जमीन को कब्जा कर लिया गया है। छानबीन से पता चला कि 1975 में तत्कालीन अधिकारी ने तालाब को मत्स्य पालन के लिए पट्टे पर दिया था। अभी तक एक व्यक्ति तालाब की जमीन पर कब्जा जमाए है।
रेत की भूमि पर कब्जा
जैतपुर विसाहट गाटा संख्या 616 की 6.60 एकड़ जमीन रेत में दर्ज है। यह जमीन 1984 मेंं ब्रम्हा के नाम आवंटित की गई है। इसी प्रकार गाटा संख्या 61700 की 0.55 एकड़ भूमि भी रेत के रूप में दर्ज है। इस प्रकार की भूमि पर कोई कब्जा नहीं किया जा सकता है। इस जमीन को बेचा गया है। इस मामले में एडीएम प्रशासन ने अपनी रिपोर्ट मंडलायुक्त को भेज दी है।
- जमीन को गलत ढंग से कब्जा कराने और बेचने वाले व्यक्ति या अधिकारी बख्शे नहीं जाएंगे। यदि अधिकारी रिटायर्ड हो गए हैं तो उनके खिलाफ नोटिस भेजा जाएगा। सरकारी भूमि जिला प्रशासन के अधिकार क्षेत्र में रहेगी।
-आंजनेय कुमार सिंह, मंडलायुक्त मुरादाबाद