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Moradabad News: हादसे में घायल चचेरे-तहेरे भाइयों की उपचार के दौरान मौत

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बिलारी (मुरादाबाद)।
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मुरादाबाद-अलीगढ़ हाईवे पर हाथीपुर गांव के पास वाहन की टक्कर से घायल बाइक सवार मोहम्मद आजम सूफी (25) और इस्तकार हुसैन (24) की बृहस्पतिवार सुबह उपचार के दौरान मौत हो गई। नौ मई की रात बहन के घर से लौटते समय दोनों चचेरे-तहेरे भाई घायल हो गए थे। दोनों का अलग-अलग अस्पताल में इलाज चल रहा था।

बिलारी के मोहल्ला अब्दुल्ला में स्योंडारा रोड के पास रहने वाले मोहम्मद आजम सूफी व इस्तकार हुसैन चचेरे-तहेरे भाई थे। इस्तेकार की बहन रूबी की ससुराल संभल जनपद के गुमसानी गांव में है। इस्तेकार और आजम सूफी रूबी की सास के 40वें की फातिहा में शामिल होने गए थे। नौ मई की रात करीब बारह बजे दोनों बाइक से गुमसानी से पाकबड़ा होते हुए बिलारी लौट रहे थे। मुरादाबाद-अलीगढ़ हाईवे पर पर बिलारी थाना क्षेत्र में हाथीपुर गांव के सामने किसी वाहन ने बाइक में टक्कर मार दी।
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टक्कर लगते ही दोनों सड़क पर गिर गए और घायल हो गए। राहगीरों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों को सीएचसी में भर्ती कराया, जहां से दोनों को जिला अस्पताल रेफर कर दिया। हालत में सुधार न होने पर परिजन ने आजम को दिल्ली और इस्तेकार को मुरादाबाद के ही एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। बृहस्पतिवार सुबह दोनों की मौत हो गई। इस्तेकार का शव दोपहर बाद बिलारी लाया गया। वहीं आजम के शव का दिल्ली में ही पोस्टमार्टम कराया जा रहा है।



तीन बहनों का इकलौता भाई था इस्तेकार
इस्तेकार हुसैन तीन बहनों का इकलौता भाई था। इस्तेकार की दोनों बड़ी बहन रूबी अंजुम व गुलफिजा की शादी हो चुकी है। छोटी बहन समरीन अविवाहित है। इस्तेकार के पिता मोहम्मद जफर की पहले ही मौत हो चुकी है। इस्तेकार खेती व पशुपालन करता था। इस्तेकार की शादी नहीं हुई थी। इस्तेकार की मौत से उसकी मां व तीनों बहनें सदमे में हैं।


बड़ा आलिम बनना चहता था सूफी आजम

मोहम्मद आजम सूफी बड़ा आलिम बनने के लिए सहसपुर गांव के एक मदरसे में पढ़ाई कर रहा था। मोहम्मद आजम अविवाहित था। वह चार भाइयों में तीसरे नंबर का था। आजम की मां की ढाई माह पहले ही मौत हुई थी। पिता मोहम्मद रफीक किसान हैं। दो बड़े भाई मोहम्मद जावेद व मोहम्मद सिद्दीक और एक छोटा भाई हाफिज अब्दुल वारिस है।
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चचेरे-तहेरे भाई होने के साथ अच्छे दोस्त भी थे आजम-इस्तेकार

आजम सूफी और इस्तेकार हुसैन चचेरे-तहेरे भाई होने के साथ दोनों अच्छे दोस्त भी थे। रिश्तेदारी में शादी समारोह और कार्यक्रमों में दोनों साथ ही जाते थे। नौ मई की रात गुमसानी गांव गए थे। देर रात होने पर इस्तेकार की बहन ने दोनों को रोकने की कोशिश की थी, लेकिन इस्तेकार ने चलने की बात कही तो आजम ने भी रुकने से मना कर दिया और दोनों बाइक से घर लौटने की बात कहकर निकल पड़े। परिजनों से जानकारी करने पर पता चला कि दोनों ने हेलमेट नहीं लगाया था। हादसे में दोनों के सिर में गंभीर चोट लगी थी।
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