स्मार्ट सिटी योजना के तहत 900 करोड़ रुपये से अधिक के 37 विकास कार्य कराए जा रहे हैं। इनमें से करीब 25 विकास कार्य पूर्ण हो चुके हैं। इसकी अधिकांश धनराशि खर्च भी जा चुकी है। लेकिन इनमें से अधिकांश योजनाओं का लाभ शहर के लोगों को नहीं मिल पा रहा है। बुध बाजार समेत शहर की करीब जिन 14 किमी सड़कों को स्मार्ट बनाया जाना है उनका बुरा हाल है। पिछले आठ माह से लोग परेशान हैं। पार्षद नगर निगम बोर्ड बैठक में अफसरों से कार्यों की जानकारी उपलब्ध कराने की मांग करते रहे हैं। दो दिन पहले बोर्ड बैठक में उपाध्यक्ष डॉ. गौरव श्रीवास्तव ने यह मुद्दा उठाया था। कहा था कि पार्षदों को जानकारी ही नहीं है कि शहर में स्मार्ट सिटी योजना के तहत क्या कार्य चल रहे हैं। इसके बाद स्मार्ट सिटी के अफसरों ने पार्षदों को प्रजेंटेशन के माध्यम से जानकारी देने का निर्णय लिया है।
- शहर में स्मार्ट सिटी योजना के क्या कार्य कौन सी कंपनी करा रही है। डीपीआर क्या है, कितनी धनराशि का भुगतान किस फर्म को किया गया और काम कब तक पूरा होने का समय है। इसका क्या लाभ लोगों को मिलेगा। शहर के पार्षद स्मार्ट सिटी के अफसरों से यह जानने की कोशिश करते रहे। मैंने कार्यकारिणी और सदन तक में कई बार इसे उठाया। फिर भी उपलब्ध नहीं कराई गई। पिछले बोर्ड की बैठक में एक बार पार्षदों को स्मार्ट सिटी के कार्यों का प्रजेंटेशन देने के लिए बुलाया गया था, लेकिन एक दो कार्यों का प्रजेंटेशन देने के बाद समय अभाव बता कर टाल दिया गया था। शनिवार को अब इसका प्रजेंटेशन दिया जाएगा। जबकि कार्य दिसंबर तक समाप्त किया जाना है।
-डॉ. गौरव श्रीवास्तव, उपाध्यक्ष नगर निगम।