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Moradabad News: खंभे पर काम करते संविदा लाइनमैन को लगा करंट, नीचे गिरने से मौत

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अगवानपुर। खंभे पर काम करते समय विवेकानंद बिजलीघर के संविदा लाइनमैन संजीव कुमार (35) को करंट लग गया। इसके कारण वह खंभे से नीचे गिर पड़े और मौके पर ही मौत हो गई। घटना सिविल लाइंस थाना क्षेत्र में सुबह करीब 7:30 बजे हुई। गुस्साए परिजनों ने बिजलीघर पर शव रखकर काफी हंगामा किया।
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अगवानपुर के शेरुआ धर्मपुर निवासी संविदा लाइनमैन संजीव कुमार के परिजनों का कहना है कि वह जिस पोल पर काम कर रहे थे, उसके पास से अन्य लाइनें भी गुजर रही हैं। इनमें से एक लाइन पर शटडाउन नहीं था, जिसके कारण संजीव को करंट लग गया। संविदा कर्मचारी यूनियन का आरोप है कि जेई ने यह कहकर शटडाउन नहीं लिया कि उपभोक्ताओं को 24 घंटे सप्लाई देनी है। परिजनों के हंगामा करने पर पुलिस व विद्युत निगम के अधिकारी बिजलीघर पहुंच गए। मुआवजे में सात लाख रुपये और संजीव की पत्नी को नौकरी देने के आश्वासन पर परिजन शांत हुए। इसके बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया। सीओ सिविल लाइंस अर्पित कपूर की मौजूदगी में विद्युत निगम के एक्सईएन एसके सिंह व अन्य कर्मियों ने एक लाख रुपये सहयोग राशि लाइनमैन के परिवार को सौंपी। इसके अलावा दो से तीन दिन में मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया।


विद्युत निगम का बयान, करंट लगने से नहीं हुई मौत
विद्युत निगम के अधिकारियों का कहना है कि करंट लगने से लाइनमैन की मौत नहीं हुई। जिस पोल पर उन्होंने काम किया था, वहां शटडाउन चल रहा था। वह काम खत्म करके नीच उतर रहे थे। पैर फिसलने के कारण वह नीचे गिर गए। यदि हैलमेट व सुरक्षा रस्सी उनके पास होती तो शायद हादसा नहीं होता। जबकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक लाइनमैन को करंट लगा था, जिसके वह नीचे गिरे और चोट लगने से उनकी मौत हो गई। रिपोर्ट में लीवर फटने का भी जिक्र है।
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निगम की लापरवाही का पहले भी शिकार हुए हैं लाइनमैन
दो माह पहले सिविल लाइंस क्षेत्र में निजी कंपनी के चार लाइनमैनों को करंट लगा था। चारों लाइनमैन हसनपुर के निवासी थे। इनमें से दो को हायर सेंटर रेफर करना पड़ा था। उस समय भी एक अन्य लाइन पर शटडाउन न होने के कारण कर्मचारियों को करंट लगा था। इस मामले में निगम के जेई गजपाल सिंह को निलंबित किया गया था। अब भी इस मामले में जांच चल रही है। निगम ने पाया था कि काम के समय लाइन चालू थी।
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