कस्बे में छुट्टा गोवंश को आश्रय देने के लिए बन रहीं गोशाला का निर्माण सवा चार साल बाद भी पूरा नहीं हो सका है। इसकी वजह अधिकारियों के सुस्त रवैए और बजट में देरी है। ऐसे में छुट्टा गोवंश सड़कों पर घूम रहे हैं। जो एक ओर हादसों को दावत दे रहे तो दूसरी ओर किसानों की फसलों को बर्बाद कर रहे है।
2019 में अगवानपुर में गोशाला का निर्माण शुरू हुआ था। पांच सौ गोवंश को आश्रय देने के लिए 1.52 करोड़ की लागत से गोशाला का निर्माण हो रहा है। प्रशासन ने पहली किस्त के रूप में 76 लाख रुपये दिए थे। पैसे खत्म होने पर पौने तीन साल तक निर्माण रुका रहा। फरवरी 2023 में दूरी किस्त के रूप में 76 लाख रुपये मिले। जबकि इसी वर्ष जून में काम पूरा होना था। सवा चार साल में टीनशेड और गोशाला की बाउंड्रीवाल हुई है। इसके अलावा चिकित्सक रूम और चारा रखने के कमरों का फर्श का काम रुका हुआ है। तत्कालीन अपर मजिस्ट्रेट मनीष चौधरी ने गोशाला के निरीक्षण के दौरान निर्माण में सुस्त रवैया देख ठेकेदार को नोटिस जारी किया था। उन्होंने ठेकेदार से इसका जवाब भी मांगा था। बाद में उनका तबादला हो गया। लेकिन गोशाला निर्माण में तेजी नहीं आई।
30 रुपये खुराक में औसत न आने से बंद हुई थी अस्थाई गोशाला
अगवानपुर के मोहल्ला सैफियान स्थित काजी हाऊस में 2020 में 30 पशुओं को अस्थाई गोशाला की शुरुआत हुई थी। जिला पंचायत को गोशाला का कार्यभार सौंपा गया था। जिला पंचायत ने गोशाला का एक टेंडर किया। प्रति पशु की खुराक का रेट 30 रुपये रखा। केयर टेकर ने एक साल तक गोशाला को संभाला।औसत नहीं आने पर काम छोड़ दिया। इसके बाद कोई दूसरा केयर टेकर सामने नहीं आया।
- गोशाला के निर्माण में हुई देरी के लिए ठेकेदार को नोटिस दिया गया है। गोशाला का काम जल्द पूरा करने के लिए ठेकेदार को चेतावनी ही दी गई है।
- ललित कुमार आर्य, ईओ, अगवानपुर नगर पंचायत