अमरोहा जिले की सांथलपुर गोशाला में 61 गोवंश की मौत मामले की जांच के लिए शासन से गठित कमेटी ने अपनी रिपोर्ट शनिवार देर शाम शासन को भेज दी। जिसमें घटना के पीछे किसी साजिश की संभावना जताई गई है।
सांथलपुर की गोशाला में बृहस्पतिवार हुई 61 गोवंश की मौत के बाद शासन ने अपर मुख्य सचिव रजनीश दुबे की अध्यक्षता में तीन अधिकारियों की कमेटी गठित करते हुए जांच के आदेश दिए थे। इस कमेटी में मुरादाबाद के मंडलायुक्त आंजनेय कुमार सिंह भी शामिल हैं। कमिश्नर ने हालांकि शासन को भेजी गई रिपोर्ट का खुलासा तो नहीं किया, लेकिन सूत्र बताते हैं कि इस रिपोर्ट में घटना के पीछे साजिश की आशंका जताई गई है।
बताया जाता है कि वहां प्रशासन ने कुछ दिन पहले एक तालाब पर काबिज कुछ लोगों का कब्जा सख्ती के साथ हटाया था। उसमें शामिल एक व्यक्ति का भाई प्रधान है। जिस व्यक्ति से गोशाला के लिए चारा लिया गया उस व्यक्ति से भी पहली बार चारा लिया गया। जबकि आमतौर पर गोशालाओं में अधिकांश तौर पर वही लोग चारा सप्लाई करते हैं, जिनसे पहले चारा लिया गया होता है। इसके अलावा कांवड़ यात्रा के समय इस घटना के घटने को भी एक साजिश के तहत जोड़ कर जांच टीम देख रही है। बताया जाता है कि टीम ने अपनी रिपोर्ट यह भी कहा है कि अगर यह गोशाला किसी हाईवे पर होती तो हालात बेकाबू हो सकते थे।
आईवीआरआई की टीम ने हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गोवंश की मौत का कारण नाइट्रेट और नाइट्राइट की बढ़ी मात्रा से गोवंश के आर्गन सिस्टम के फेल होने और ऑक्सीजन की मात्रा कम हो जाना माना है, लेकिन घटना के बाद से पशुओं को चारा आपूर्ति करने वाले व्यक्ति के फरार होने को भी साजिश की आशंका को बल मिल रहा है। जांच रिपोर्ट में आईवीआरआई की पशुओं के पोस्टमार्टम रिपोर्ट के संबंध में कहा गया है कि वह रिपोर्ट प्रारंभिक रिपोर्ट है। विसरा और फॉरेंसिंक रिपोर्ट आना बाकी है।