तरावीह की नमाज में हाफिज मुर्सलीम ने रोजाना दो पारे सुनाए। सोमवार को सामूहिक रोजा इफ्तार का भी आयोजन किया गया। जिसमें शहर की सभी दरगाहों के सज्जादगानों ने मौके पर पहुंच रोजा इफ्तार किया। तरावीह में कुरान मुकम्मल होने पर सभी ने खुशी का इजहार किया। इस मौके पर मुर्सलीम साबरी, मुन्ने सुल्तानी, फरहान राशिद ने नात-ओ-मनकबत पेश किया। अंत में सभी ने मुल्क में अमन-चैन, भाईचारे व तरक्की की दुआ की। कुरान मुकम्मल की खुशी में मिठाइयां बांटी गईं। इस मौके पर दरगाह सुल्तान साहब के सज्जादानशीन सैयद अली नईम चिश्ती, दरगाह हाफिज शाह के सज्जादानशीन हयातुन नबी खां, दरगाह शाह मुकम्मल साहब के सज्जादानशीन शिबली मियां, गुल्लू मियां, पहलवान साहब की दरगाह के सज्जादानशीन हाफिज इफ्तखार, शेख अलाउद्दीन के सज्जादानशीन मास्टर इरफान, मुन्ने मियां की दरगाह के सज्जादानशीन सूफी वसीम कादरी, नदीम इसहाकी, मुर्तजा अली खालिक, सैयद शाह फहद, सैयद सलमान अली, अमान अली, मोहम्मद राशिद आदि मौजूद रहे।